चण्डीगढ़

Delhi-NCR Pollution:स्वच्छ हवा के लिए बड़ा एक्शन! पराली प्रबंधन को लेकर CAQM ने कसी कमर; पंजाब-हरियाणा को सख्त चेतावनी

पराली जलाने की रोकथाम को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 25 और 26 सितंबर को पंजाब और हरियाणा के सभी जिलों के शीर्ष अधिकारियों के साथ दो अहम बैठकें कीं, जिनमें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि इस बार पराली जलाने की एक भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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प्रदूषण (फोटो-Istock)

Delhi Pollution: दिल्ली-NCR की दमघोंटू हवा से अब जनता को राहत मिलेगी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इस बार पराली जलाने पर "जीरो टॉलरेंस" नीति अपनाई है। पराली जलाने की रोकथाम को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 25 और 26 सितंबर को पंजाब और हरियाणा के सभी जिलों के शीर्ष अधिकारियों के साथ दो अहम बैठकें कीं, जिनमें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि इस बार पराली जलाने की एक भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मोहाली में CAQM सेल स्थापित किया गया है जो निगरानी और समन्वय का केंद्र बनेगा, जबकि दोनों राज्यों में फ्लाइंग स्क्वॉड, CRM मशीनों की समीक्षा, किसान प्रशिक्षण और पराली प्रबंधन के ठोस उपायों को सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि “Zero Burning” का लक्ष्य सुनिश्चित हो सके।

पंजाब और हरियाणा के डीसी-एसएसपी को सीधे निर्देश:

CAQM ने पंजाब के 23 और हरियाणा के 22 जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर सख्त निर्देश दिए। फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती से लेकर रियल टाइम मॉनिटरिंग तक की पूरी रणनीति तैयार की गई है।

मोहाली में बना कमांड सेंटर: CAQM सेल

पराली नियंत्रण का मिशन इस बार बिल्कुल युद्धस्तर पर चलाया जाएगा। मोहाली स्थित कृषि भवन में CAQM सेल” बनाया गया है जो दोनों राज्यों के बीच समन्वय करेगा और फील्ड स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

पंजाब के लिए खास निर्देश:

इन-सीटू और एक्स-सीटू तकनीकों को और प्रभावी बनाना

बैलर और CRM मशीनों की पर्याप्त उपलब्धता

‘पराली सुरक्षा बल’ द्वारा शाम को गश्त बढ़ाना

जलभराव और कीट प्रभावित क्षेत्रों की पहचान

पावर प्लांट्स में 5% बायोमास को-फायरिंग

CAQM के साथ मिलकर रियल टाइम निगरानी

हरियाणा के लिए फुल एक्शन प्लान:

सभी जिलों में CRM मशीनों की समीक्षा

पराली गठ्ठों के लिए सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था

किसान ट्रेनिंग और बीमा की सुविधा

पराली जलाने वालों को प्रोत्साहन नहीं, सज़ा मिलेगी

शहरी क्षेत्रों में MSW और बायोमास जलाने पर भी रोक

पड़ोसी जिलों के साथ सप्लाई चेन मजबूत करने पर ज़ोर

CAQM का संदेश:

इस बार पराली जलाने की घटनाएं शून्य होनी चाहिए। सभी जिला प्रशासन सख्ती से पालन करें। CAQM ने स्पष्ट कर दिया कि अब कोई बहाना नहीं चलेगा। पराली जलाने पर न सिर्फ निगरानी होगी, बल्कि सीधी कार्रवाई भी की जाएगी। अबकी बार धुआं नहीं, समाधान! पराली जलाने पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू,अबकी बार पराली नहीं जलेगी। CAQM ने पंजाब-हरियाणा को दिया अल्टीमेटम “Zero Burning ही मंज़िल है।

जनता और किसानों से अपील:

स्वच्छ हवा कोई विकल्प नहीं, ज़रूरत है। CAQM और राज्य सरकारों ने किसानों और आम जनता से सहयोग की अपील की है ताकि भविष्य की पीढ़ियों को जहरीली हवा नहीं, शुद्ध सांस मिल सके।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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