Punjab News : आज पंजाब से एक हैरान कर देने और डरा देने वाली खबर सामने आई। दरअसल, पंजाब के तरनतारन में स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में बम पड़ा हुआ मिला। श्री गुरु अर्जुन देव जी सराय के सामने पार्किंग की खुदाई करते वक्त जब ये बम वहां काम कर रहे लोगों को दिखा तो वे काफी घबरा गए। इसके बाद वहां आए लोगों के बीच सनसनी फैल गई। यह हैंड-ग्रेनेड वहां कैसे पहुंचा, इस बात की पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है, फिलहाल पुलिस इसकी जांच-पड़ताल में लगी है। बता दें कि सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और उस बम को अपने कब्जे में लेकर डिफ्यूज करने के लिए भेज दिया।
मामले की जानकारी देते तरन तारन ASI करनैल सिंह।
मामले पर पुलिस ने क्या कहा
बम के मिलने की पुष्टि करते हुए SP विशालजीत सिंह ने कहा कि जैसे ही हमें बम मिलने की सूचना प्राप्त हुई तत्काल प्रभाव से टीम मौके पर पहुंची। जिस समय पार्किंग के लिए लोग खुदाई कर रहे थे उसी समय मजदूरों ने बताया कि वहां उन्हें हैंड-ग्रेनेड पड़ा दिखाई पड़ा। ये ग्रेनेड आतंकवाद के समय का भी हो सकता है, जिस पर हर दृष्टिकोण से जांच की जा रही है। हमारी कोशिश है कि इसे किसी दूसरी जगह ले जाकर डिफ्यूज किया जाए। हालांकि सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
चश्मदीद ने सुनाया पूरा घटनाक्रम
जिस जगह से बम को बरामद किया गया था वहां काम करे मजदूरों ने बताया कि पहले तो बम को वहां पड़ा देख वे लोग डर गए थे और गुरुद्वारे के सेवादारों को बताया। उसके बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। बम उठाने के लिए सबसे पहले आगे आए गुरशिंदर सिंह उर्फ काका, जो कि दरबार साहिब में सतकार कुल्फी की रेहड़ी लगाते हैं। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वे बोले कि झाड़ू मारते वक्त उन्होंने वहां बम देखा और उसे उठाकर हरपाल सिंह बाबा को दे दिया। जब उन्होंने कहा इसे लेकर मत घूमो, फट सकता है तब मैंने कहा कि ये संगत में भी फट सकता था, इसलिए इसे मैंने आपको दे दिया। तब हरपाल बाबा ने पुलिस को सूचना दी।
पहले भी मिल चुके हैं बम
मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि खालिस्तान मूवमेंट के समय ये क्षेत्र आतंकवाद का प्रमुख केंद्र बिंदु रहा है। उस समय कुछ आतंकियों ने यहां पर असलहा और बम जैसे कई हथियार दबाए थे जो कि समय-समय पर मिलते रहते हैं। गौरतलब है कि 2020 में जब यहां पर नहर की सफाई हो रही थी तो उस वक्त यहां सफाई के दौरान हैंड-ग्रेनेड बरामद किया गया था।
