वसई-विरार में BVA का दबदबा, अजीव पाटिल बने महापौर; ठाणे में शिवसेना की वापसी

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय राजनीति एक बार फिर सक्रिय हो गई है। पालघर जिले के वसई-विरार और ठाणे नगर निगम में महापौर-उपमहापौर चुनावों के जरिए प्रशासकीय शासन का अंत हुआ। इन चुनावों में बहुजन विकास अघाड़ी और महायुति गठबंधन ने अपनी-अपनी राजनीतिक मजबूती का स्पष्ट संदेश दिया।

महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई-विरार क्षेत्र में बहुजन विकास अघाड़ी (BVA) ने एक बार फिर अपना राजनीतिक दबदबा साबित किया है। पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर के नेतृत्व वाली बीवीए के उम्मीदवार अजीव पाटिल को महापौर और मार्शल लोपिस को उपमहापौर चुना गया। यह चुनाव वसई-विरार सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (VVCMC) मुख्यालय में आयोजित विशेष बैठक में हुआ, जिससे प्रशासकीय शासन का दौर समाप्त हो गया। जिला कलेक्टर एवं पीठासीन अधिकारी डॉ. इंदुरानी जाखड़ की देखरेख में हुई इस प्रक्रिया में महापौर पद के लिए बीवीए और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला हुआ।

Maharashtra Civic Body Politics (Photo: PTI)

शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की ठाणे नगर निगम में वापसी (फोटो: PTI)

अजीव पाटिल और दर्शना त्रिपाठी के बीच रहा मुकाबला

नामांकन वापस लिए जाने के बाद अंतिम मुकाबला बीवीए के अजीव पाटिल और भाजपा की दर्शना त्रिपाठी (कोटक) के बीच रहा। खुले मतदान (हाथ उठाकर मतदान) में कुल 115 पार्षदों ने हिस्सा लिया, जिसमें अजीव पाटिल को 71 और दर्शना त्रिपाठी (कोटक) को 44 वोट मिले। इसी तरह उपमहापौर पद के लिए बीवीए के मार्शल लोपिस और भाजपा के मांजरेकर नारायण सुरेश के बीच मुकाबला हुआ। यहां भी परिणाम वही रहा लोपिस को 71 और मांजरेकर को 44 मत प्राप्त हुए। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग रहा। उल्लेखनीय है कि अजीव पाटिल के भाई राजीव पाटिल 2010 में निगम गठन के समय पहले महापौर रह चुके हैं।

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