Chandigarh Building Collapse: चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां शनिवार को एक एकमंजिला इमारत अचानक भरभराकर ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
चंडीगढ़ में बड़ा हादसा
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन के आला अधिकारी और फायर ब्रिगेड (Chandigarh Police Fire Brigade Action) की टीमें तुरंत एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल भी हालात का जायजा लेने और राहत कार्य देखने घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, मलबे को तेजी से हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जेसीबी मशीनों को काम पर लगाया गया है।
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शुरुआती रेस्क्यू के दौरान मलबे से तीन-चार लोगों को सुरक्षित निकालकर तुरंत एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी भी कम से कम दो लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की पुख्ता आशंका है, जिन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू टीमें बेहद सावधानी से काम कर रही हैं।
बिना बारिश के ही गिर गई बिल्डिंग
हादसे के कारणों को लेकर चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष एमपीएस चावला ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस इमारत के भीतर किराए पर एक को-वर्किंग स्पेस चलाया जा रहा था, जिसके चलते वहां मजदूर और कर्मचारी काम में लगे हुए थे। हैरान करने वाली बात यह है कि शहर में इस समय कोई बारिश भी नहीं हो रही थी। ऐसे में चावला का मानना है कि यह हादसा संभवतः इमारत की कमजोर बनावट या बुनियादी ढांचे में कमी के कारण हुआ है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की जा रही है, और असली वजह आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। प्राथमिकता अभी सिर्फ मलबे में फंसे लोगों की जान बचाने की है।
