Gonda News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने देश में बिक रहे मिलावटी खाद्य पदार्थों और एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है।
बाबा रामदेव पर भी साधा तीखा निशाना
अपने निजी महाविद्यालय में आयोजित छात्र सम्मान समारोह के दौरान, जहाँ वे चार ब्लॉकों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर रहे थे, उन्होंने मंच से सेहत, स्वदेशी और राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बेबाकी से बात की।
नकली खाद्य पदार्थों और मिलावटखोरी पर चिंता
बृजभूषण शरण सिंह ने लोगों को सचेत करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को खुद समझना होगा कि वे थाली में क्या खा रहे हैं। उन्होंने कहा, "अगर देश में मिलावटखोरी के खिलाफ ईमानदारी से अभियान चला दिया जाए, तो पूरे देश में हाहाकार मच जाएगा।" उन्होंने गणित का उदाहरण देते हुए समझाया कि 65-70 रुपये प्रति किलो मिलने वाली सरसों से जब साढे तीन किलो में एक किलो तेल बनता है, तो बाजार में 150 रुपये से 200 रुपये में शुद्ध तेल कैसे मिल सकता है?
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि वे 20 साल से नकली घी, तेल और मावे का मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन अब जाकर डब्ल्यूएचओ और सरकार चेती हैं। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की तारीफ करते हुए यह भी कहा कि यह कदम बहुत पहले उठाया जाना चाहिए था, क्योंकि आज घर-घर में कैंसर जैसी घातक बीमारियां फैल रही हैं।
बाबा रामदेव पर तीखा हमला
आंदोलन की बात करने वाले योग गुरु बाबा रामदेव पर निशाना साधते हुए बृजभूषण सिंह ने पुरानी बातों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जो बाबा स्वदेशी का नारा लेकर निकले थे, वे आज विदेशी शैली के अंडरगारमेंट्स तक बेचने लगे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आंदोलन की बात करने वाले मैदान में आएं, लेकिन लोग भूले नहीं हैं कि वे कैसे सलवार-सूट पहनकर भागे थे।
किसान हित और विपक्ष पर प्रहार
चीनी की कीमतों के मुद्दे पर उन्होंने किसानों का खुलकर पक्ष लिया। उनका कहना था कि जब डीजल, पेट्रोल, ट्रैक्टर और मोटरसाइकिलों के दाम बढ़ रहे हैं, तो अगर किसान की चीनी थोड़ी महंगी हो जाती है तो इस पर हंगामा क्यों मचता है?
वहीं, विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि वे भ्रमित होकर उछल-कूद कर रहे हैं। विपक्ष छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीति चमकाना चाहता है। उन्होंने अन्ना हजारे के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस आंदोलन से दिल्ली में क्या निकला, यह सब देख चुके हैं। आंदोलन से किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता।
