Bihar News: बिहार के समस्तीपुर जिले से पुलिस हिरासत में टॉर्चर का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरी के शक में हिरासत में लिए गए एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट और अमानवीय व्यवहार के आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक ने थानेदार समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
समस्तीपुर से आया पुलिस बर्बरता का मामला (AI Image)
चोरी की शिकायत से शुरू हुआ मामला
यह पूरा मामला ताजपुर थाना क्षेत्र के नीम चौक स्थित एक ज्वेलरी शॉप में हुई कथित चोरी से जुड़ा है। दिसंबर के अंत में दुकान से सोना और चांदी गायब होने की शिकायत के बाद दुकान मालिक ने अपने तीन कर्मचारियों पर शक जताया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। इनमें से एक युवक हाल ही में दुकान में काम पर लगा था।
हिरासत से पहले भी मारपीट का आरोप
पीड़ित युवक का आरोप है कि पुलिस को सौंपे जाने से पहले दुकान मालिक ने उसे और अन्य कर्मचारियों को छत पर ले जाकर रॉड से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें पुलिस हिरासत में लिया गया, जहां कथित तौर पर टॉर्चर कहीं और अधिक हो गया। युवक का दावा है कि उसे कई दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। इस दौरान उससे जबरन कबूलनामा करवाने के लिए शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं। आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ बेरहमी से पिटाई की, बल्कि उसके निजी अंग पर पेट्रोल डालकर डराने की कोशिश भी की।
बिगड़ी हालत, अस्पताल में भर्ती
इस तरह के अमानवीय टॉर्चर के चलते युवक की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे जमानत पर छोड़ा गया, जिसके बाद परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल युवक की स्थिति नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं।
परिजनों को हिरासत में रखने का आरोप
पीड़ित के परिवार ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि युवक पर दबाव बनाने के लिए उसके माता-पिता और पत्नी को भी थाने में रोके रखा गया। आरोप है कि परिवार से पैसे की मांग की गई और घर की तलाशी के बावजूद कोई चोरी का सामान बरामद नहीं हुआ।
SHO समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
मामला सामने आने के बाद समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने जांच के आदेश दिए। आरोपों में से पुख्ता जानकारी सामने के बाद ताजपुर थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। इस पूरे प्रकरण में ज्वेलरी शॉप के मालिक की भूमिका भी संदेह के दायरे में आ गई है। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई से पहले उसने कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी। अब पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
