गांव-गांव दूध, घर-घर समृद्धि; बिहार में डेयरी क्रांति की नई शुरुआत, सरकार ने किया ऐलान

बिहार सरकार ने ‘सात निश्चय–3’ कार्यक्रम के तहत राज्य में डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस पहल के माध्यम से गांव-गांव में दुग्ध उत्पादन समितियों और पंचायत स्तर पर दुग्ध बिक्री केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर मूल्य दिलाना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

Bihar Dairy Development Scheme: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को जानकारी दी कि ‘सात निश्चय–3’ कार्यक्रम के अंतर्गत तीसरे निश्चय ‘कृषि में प्रगति, प्रदेश में समृद्धि’ के तहत राज्य में डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। इस योजना के अंतर्गत हर गांव में दुग्ध उत्पादन समितियों के गठन का फैसला लिया गया है, जिससे पशुपालकों को उनके दूध का उचित और लाभकारी मूल्य मिल सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के कुल 39,073 गांवों में से अब तक 25,593 गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन पूरा किया जा चुका है।

Bihar Government Initiative to Strengthen Dairy Sector (Photo: PTI)

बिहार में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने की पहल (फोटो: पीटीआई)

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

बाकी बचे सभी गांवों में अगले दो वर्षों के भीतर दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन सुनिश्चित करने के लिए पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इससे पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी होगी और राज्य में दूध की उपलब्धता भी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने पोस्ट में बताया कि ‘सात निश्चय–2’ कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी प्रखंडों में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। अब ‘सात निश्चय–3’ के अंतर्गत राज्य की प्रत्येक पंचायत में भी सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य की कुल 8,053 पंचायतों में से अब तक 100 पंचायतों में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र शुरू हो चुके हैं।

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