भोपाल

दिल्ली-नोएडा की तरह अब भोपाल-इंदौर के मेट्रो स्टेशनों पर भी होगी पार्किंग की सुविधा

भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में यात्रियों के लिए गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था करने की तैयारी चल रही है। मेट्रो की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में पार्किंग की कोई बात नहीं थी। अब भोपाल में प्रायोरिटी कॉरिडोर के 8 स्टेशनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग प्लान बनाया जा रहा है।

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भोपाल-इंदौर मेट्रो स्टेशनों पर बनेगी पार्किंग

Parking In Bhopal Inodre Parking: भोपाल-इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में सफर करने वाले लोगों की गाड़ियों की पार्किंग के लिए अब व्यवस्था की जा रही है। मेट्रो रेल कंपनी ने सुभाष नगर से एम्स के बीच बन रहे प्रायोरिटी कॉरिडोर के 8 में से 5 स्टेशनों पर पार्किंग बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह निर्णय मंत्रालय के अधिकारियों के दखल के बाद लिया गया है।

पहले, मेट्रो की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में पार्किंग का कहीं कोई जिक्र नहीं था, जिसके कारण मेट्रो प्रबंधन को आलोचना का सामना करना पड़ा। मेट्रो प्रबंधन ने बताया कि भोपाल में प्रायोरिटी कॉरिडोर के 8 स्टेशनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग प्लान बनाया जा रहा है, जिसमें सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड ऑफिस, एमपी नगर, आरकेएमपी, डीआरएम, अलकापुरी और एम्स स्टेशन शामिल हैं। इन पर साइकिल, दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग का प्लान बनाया जा रहा है।

मेट्रो प्रबंधन ने एम्स स्टेशन में पार्किंग की जगह की व्यवस्था कर ली है। अलकापुरी में पार्किंग के लिए जगह नहीं मिल रही है। वहीं डीआरएम स्टेशन पर स्टाफ पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है। आरकेएमपी पर रेलवे की पार्किंग को ही मेट्रो के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा, एमपी नगर स्टेशन पर पार्किंग के लिए फिलहाल नगर निगम से बातचीत चल रही है। वहीं, सुभाष नगर में भी एम्स की तरह बड़ी पार्किंग बनाई जाएगी।

पार्किंग की व्यवस्था हो जाने से अवैध पार्किंग का खतरा कम हो जाएगा, चोरी की घटनाएं भी कम होंगी। इससे मेट्रो में सफर करने वाले यात्री गाड़ियों को लेकर निश्चिंत रह सकेंगे। इसके उलट हालात यात्रियों की संख्या में कमी आ सकती थी।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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