MP Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें आ रही हैं। खबर है कि आज इस पर फैसला हो सकता है। चुनाव से पहले यह मंत्रीमंडल विस्तार काफी अहम माना जा रहा है। संभावित मंत्रियों के उम्मीदवार पद का आशा में भोपाल में डेरा डाले हैं। सबकी नजरें अब सीएम शिवराज सिंह चौहान पर है कि वो किसे अपने मंत्रिमंडल में जगह देते हैं औऱ किसे हटाते हैं।
ये भी पढ़ें- कमल नाथ के गढ़ में सीएम शिवराज चौहान का मास्टर स्ट्रोक, छिंदवाड़ा से अलग करके पांर्ढूणा बनेगा नया जिला
संभावित मंत्रियों की लिस्ट
भोपाल में चौहान सरकार के मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चा बीते तीन दिनों से चल रही है। अब संभावित मंत्रियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। इन संभावित मंत्रियों ने भोपाल में डेरा डाल रखा है और उनके समर्थकों का भी जमावडा है। जिन तीन लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है उनमें विंध्य क्षेत्र के राजेंद्र शुक्ला, महाकौशल से गौरीशंकर बिसेन और बुंदेलखंड से राहुल लोधी शामिल हैं। ये तीनों ही विधायक बीते दो दिनों से भोपाल में हैं और मंत्रिमंडल विस्तार की प्रतीक्षा में हैं।
कैसे शुरू हुई अटकलें
राज्य में मंत्रिमंडल की विस्तार की चर्चाओं ने उस वक्त जोर पकड़ा जब मंगलवार की रात शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। इतना ही नहीं गौरी शंकर बिसेन ने इन चर्चाओं पर यह कहते हुए मोहर लगा दी कि उन्हें भोपाल में ही रुकने को कहा गया है। इन संभावित मंत्रियों के निवास पर उनके क्षेत्र से आए समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है। कई नेताओं ने तो अपने समर्थकों के लिए घर में ही भंडारा शुरू कर दिया है, जो आए वह खाना खाकर जाए।
आज शपथ ग्रहण
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दो दिन से भोपाल से बाहर हैं और कयास तो यह लगाए जा रहे थे कि शुक्रवार की देर शाम तक भोपाल पहुंचने के बाद शपथ ग्रहण भी हो सकता था। लेकिन शुक्रवार शाम खबर आई कि शनिवार सुबह नए मंत्री शपथ लेंगे।
असंतुष्टों को मनाने की कोशिश
राज्य में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और भाजपा लगातार असंतुष्टों को मनाने की कोशिश में लगी हुई है। इसी क्रम में जहां कई लोगों को विभिन्न बोर्ड और निगम का अध्यक्ष बनाकर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा रहा है, वहीं कुछ लोगों को मंत्रिमंडल में जगह देने की कोशिश हो रही है। संभावित मंत्रियों के जो नाम आ रहे हैं उसको लेकर भी पार्टी और पार्टी के वरिष्ठ नेता असहमति जता रहे हैं। कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी की वजह भी नेताओं की असहमति है।
