मानसून में बिजली का संकट; कॉल सेंटर की सीमित क्षमता बनी उपभोक्ताओं की बड़ी परेशानी

प्री-मानसून और मानसून के दौरान बिजली आपूर्ति में लगातार बाधा आने से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉल सेंटर नंबर 1912 पर सीमित क्षमता के कारण शिकायतें दर्ज कराना मुश्किल हो जाता है। प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा साझा किए गए इस हेल्पलाइन नंबर पर एक समय में अधिकतम 800 कॉल ही अटेंड हो सकती हैं। बढ़ती शिकायतों के बावजूद, तकनीकी समस्याएं और संसाधनों की कमी इसे और गंभीर बना रही हैं।

बिजली संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए शहर के कई निवासी कॉल सेंटर नंबर 1912 पर आसानी से संपर्क नहीं कर पाते, खासकर प्री-मानसून और मानसून के दौरान ये समस्या और गंभीर हो जाती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तहत आने वाले 16 जिलों के लगभग 41 लाख उपभोक्ताओं के लिए यह हेल्पलाइन उपलब्ध है, लेकिन इसकी सीमित क्षमता के कारण एक समय में अधिकतम 800 कॉल ही अटेंड हो सकते हैं। इससे 801वें नंबर या उसके बाद की कॉल स्वचालित रूप से ड्रॉप हो जाती हैं, जिससे शिकायतें दर्ज नहीं हो पातीं। यह नंबर प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा साझा किया जाता है, जहां प्रत्येक कंपनी अपने क्षेत्र की शिकायतें अपने अलग-अलग कॉल सेंटर में प्राप्त करती है।

limited capacity of call centre number in Bhopal

भोपाल में बिजली आपूर्ति लगातार बाधित

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मताबिक, 4 मई से शुरू हुए प्री-मानसून के दौरान तेज आंधी, बारिश और हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है। तेज़ हवाओं से पेड़ों की शाखाएं बिजली लाइनों पर गिर रही हैं, वहीं उड़ते होर्डिंग्स और फ्लेक्स तकनीकी फॉल्ट उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली कटौती हो रही है। 4 से 16 मई के बीच, यानी 13 दिनों में, करीब 10,000 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 1,000 से अधिक ‘उपाय’ मोबाइल ऐप के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। औसतन प्रतिदिन 759 शिकायतें दर्ज हो रही हैं, जबकि मानसून के दौरान यह संख्या बढ़कर 1,500 से अधिक होने की संभावना है।

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