MP News: कोविड-19 और मंकी पॉक्स जैसी घातक संक्रामक बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने भोपाल और इंदौर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर थर्मल स्कैनर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य विदेश से लौटने वाले यात्रियों के जरिए संक्रमण को देश में फैलने से रोकना है।
2025 में कोरोना से 323 संक्रमित
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अकेले वर्ष 2025 में देश में कोरोना के 28,426 नए मामले और 157 मौतें दर्ज की गईं। वहीं, मध्यप्रदेश में 323 केस और 9 लोगों की मौत हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि वायरस का प्रवेश मुख्य रूप से विदेश से लौटे यात्रियों के जरिए होता है, जिसे एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाकर रोका जा सकता है।
इंफ्रारेड तकनीक पर आधारित होंगे स्कैनर
भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, DGHS ने एयरपोर्ट, सी-पोर्ट और लैंड क्रॉसिंग जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर थर्मल स्कैनर लगाने के लिए इच्छुक कंपनियों से EOI (Expression of Interest) मंगवाए थे। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कैनर इंफ्रारेड तकनीक पर आधारित होने चाहिए, जो बिना संपर्क के शरीर का तापमान माप सकें। इससे भीड़भाड़ में भी यात्रियों की बिना रुकावट जांच संभव होगी।
थर्मल स्कैनर में होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
सरकार ने थर्मल स्कैनर में कुछ जरूरी तकनीकी विशेषताएं निर्धारित की हैं। इसमें फेस रिकग्निशन फीचर, डेटा स्टोरेज और अलर्ट सिस्टम होगा। साथ ही इसमें डेटा एक्सपोर्ट की सुविधा होगी, जिससे संक्रमित व्यक्ति की पहचान, उसकी सूचना अधिकारियों तक तेजी से पहुंचाने, और डाटा रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी।
प्रस्तावों पर विचार जारी
केंद्र सरकार के पास विभिन्न कंपनियों से ईमेल और पोस्ट के जरिए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रस्तावों के साथ कंपनियों का प्रोफाइल, थर्मल स्कैनर की तकनीकी जानकारी, सेवा समर्थन और कीमत संबंधी विवरण भी दिए गए हैं। अब मंत्रालय इन प्रस्तावों पर मंथन कर रहा है और जल्द ही योग्य कंपनियों का चयन किया जाएगा।
