Best Places to Visit in Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी व नवाबों की तंजीम वाला शहर भोपाल। एडवेंचर व इतिहास के अतीत का खजाना भी है। यहां जंगल से लेकर पुरातत्व महत्व की हर खास बात आपको जानने को मिलेगी। इस बार अगर आप न्यू ईयर को बेहतरीन तरीके से सेलिब्रेट करने का प्लान गढ़ रहे हो तो भोपाल आपकी टूरिस्ट डेस्टिनेशन हो सकता है।
भोपाल के सायर सपता उद्यान में टॉय ट्रेन बच्चों को खूब है लुभाती
यहां आपको 4 से 10 किमी की दूरी पर कई प्राचीन मंदिर सहित फोर्ट व उद्यान मिलेंगे। जो आपकी ट्रिप को खास और यादगार पलों में बदल देंगे। तो फिर जल्दी से अपने न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए इस पुराने व आकर्षक शहर को शामिल करिए। यहां आने से लेकर उन 4 खास बातों की जानकारी आपको बताएंगे, जिससे आपका सर्दी की छुट्टियों में घूमने का मजा दोगुना हो जाएगा।
बच्चों का एडवेंटर ये खास ट्रेन
शहर के बड़े तालाब के तट पर स्थित है ये सायर सपता उद्यान। ये यहां का एक प्रमुख मनोरंजन क्षेत्र और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। वहीं ये बच्चों की सबसे पसंदीदा एडवेंचर से भरी जगहों में से एक है। इसके कैंपस में बाइक रेसिंग, कार डैशिंग, नौका विहार, जंगल में सफारी जैसी कई खास बातें मौजूद हैं। इसके अलावा बच्चों को लुभाने वाला म्यूजिकल फाउंटेन, ब्रिज व टॉय ट्रेन है, जिसमें बैठकर सफर करने का मजा ही कुछ और है।
इस खास मकसद से बना है लक्ष्मीनारायण मंदिर
भोपाल से करीब 5 किमी की दूरी पर स्थित अरेरा की पहाड़ियों के ऊपर स्थित है आकर्षक प्रसिद्ध लक्ष्मी नारायण मंदिर। इस मंदिर का निर्माण खास तौर पर भगवान विष्णु को श्रद्धांजलि देने के मकसद से किया गया था। मंदिर के भीतर देवी लक्ष्मी व भगवान विष्णु की 12वीं सदी की प्राचीन प्रतिमाएं मौजूद हैं। इसके अलावा, मंदिर में भगवान शिव व देवी पार्वती की शयन मुद्रा में मौजूद विशेष प्रतिमाएं भी है। यहां आपको अद्भुत बिड़ला म्यूजियम देखने का मौका भी मिलेगा।
ये खासियत है रायसेन दुर्ग की
भोपाल से करीब 23 किमी की दूरी पर स्थित वैभवशाली अतीत का गवाह है सुंदर रायसेन दुर्ग। हरियाली से आच्छादित पहाड़ी के ऊपर किले के चारों ओर पौराणिक मंदिर हैं। करीब 800 साल पुराने इस किले में एक मस्जिद व एक मंदिर हैं। इसके अलावा कई गुंबद आपको देखने के लिए मिलेंगे। जो कि, आपकी यात्रा में एक बेहतरीन इतिहास की जानकारी को शामिल करेंगे। रायसेन फोर्ट की एक और खास बात ये है कि, इसमें तालाबों और कुओं की भरमार है, जो कि, ये दर्शाती है कि, उस जमाने में पानी को कितने जतन से सहेजा जाता था। बता दें कि, हजरत पीर फतेहउल्ला शाह बाबा की दरगाह के रूप में यह किला यहां के लोगों की प्रमुख आस्था का केंद्र है।
नारी शक्ति का प्रतीक है भोपाल का गोहर महल
भोपाल में ऊपरी झील के किनारे पर मौजूद गोहर महल नवाबों के शहर की ऐतिहासिक व बेहद खूबसूरत जगहों में से एक है। इतिहासकारों के मुताबिक उस समय की सम्राज्ञी कुदसिया बेगम ने इसका निर्माण सन 1820 में करवाया था। इसके निर्माण के पीछे का मकसद था नारी शक्ति को दर्शाना। बताया जाता है कि कुदसिया बेगम खुद एक खुले विचारों वाली भोपाल की प्रथम महिला शासक थी। आपको यहां विजिट करने पर महल के भीतर महीन नक्काशी व लाजवाब सजावट देखने को मिलेगी। वहीं इसके निर्माण में आपको इंडो-इस्लामिक स्थापत्य शैली नजर आएगी। इसके बेहतरीन चित्रकारी भी आपको आश्चर्यचकित कर देगी।
