ATM Cloning Scam: भोपाल में एक साइबर अपराध का मामला आया है। इस बार जालसाजों के हत्थे पूर्व विधायक चढ़ गए हैं। भोपाल के अरेरा कॉलोनी में रहने वाले बीजेपी के पूर्व विधायक रामकिशन चौहान के ATM से 6.83 लाख रुपये गायब कर लिए गए हैं। 5 मई की तारीख को उनके फोन पर मैसेज आया कि खाते से 92 रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। जिसके बाद उन्होंने बैंक जाकर अपनी खाते की जानकारी निकाली। जांच में जो पता चला वो हैरान करने वाला था, करीब तीन महीने के दरमियान उनके खाते से किसी ने 6 लाख 83 हजार रुपये निकाले थे। ये कुल निकासियां 2 फरवरी से 1 मई के बीच हुई थीं। 54 बार के ट्रांजेक्शन में खाते से लाखों गायब कर दिए गए थे। चौहान ने इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी।
पूर्व विधायक के खाते से खाली किए 6.83 लाख (प्रतीकात्मक तस्वीर)
फरवरी में हुई थी ATM क्लोनिंग
रामकिशन चौहान भोजपुर विधानसभा सीट से 1997 में विधायक चुने गए थे। पुलिस के अनुसार, पूर्व विधायक ने फरवरी में अरेरा कॉलोनी के एक एटीएम से पैसे निकाले थे और इसी दौरान उनके एटीएम कार्ड का क्लोन बनाया गया। पुलिस अब एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। यह मामला साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करता है, जिसमें तकनीकी साधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
ATM क्लोनिंग क्या है
ATM क्लोनिंग, को ATM कार्ड स्किमिंग भी कहा जाता है। यह एक ऐसी धोखाधड़ी है जिसमें अपराधियों को एटीएम कार्ड की जानकारियों जैसे, कार्ड नंबर और पिन चुराने के लिए कुछ टूल्स का सहारा लिया जाता है। ये टूल्स जिसे स्किमर्स कहते हैं, ये ATM मशीन के कार्ड रीडर के पास लगाए जाते हैं। जब कोई व्यक्ति अपना कार्ड स्वाइप करता है या पिन नंबर टाइप करता है, तो यह डिवाइस कार्ड की जानकारी और पिन को रिकॉर्ड कर लेता है। फिर अपराधी इस जानकारी का उपयोग डुप्लिकेट कार्ड बनाकर पैसे निकालने के लिए करते हैं
