बर्तन मांजने वाले हाथों ने लिखी जीत की नई इबारत, महीने के 2500 रुपये कमाने वाली कलिता माजी बनीं विधायक

पश्चिम बंगाल के ऑसग्राम से भाजपा की कलिता माजी ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। महीने में 2500 कमाने वाली घरेलू कामगार अब विधानसभा में जनता का प्रतिनिधित्व करेंगी। जानें क्या है ये कहानी।

लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि यहां एक साधारण नागरिक भी अपनी मेहनत और सेवा के दम पर सत्ता के शिखर तक पहुंच सकता है। पश्चिम बंगाल के ऑसग्राम विधानसभा क्षेत्र से आई खबर किसी फिल्मी पटकथा जैसी लगती है, लेकिन यह हकीकत है। यहां कल तक जो हाथ दूसरों के घरों में बर्तन और फर्श साफ करते थे, आज जनता ने उन्हीं हाथों में अपनी किस्मत की चाबी सौंप दी है।

kalita majhi ausgram seat

घरों में बर्तन मांजकर करती थीं गुजारा (चित्र साभार: X/@PCMohanMP)

कौन हैं कलिता माजी?

भाजपा की नवनिर्वाचित विधायक कलिता माजी की कहानी ऐसी ही है। कलिता पिछले दो दशकों से घरेलू कामगार (डोमेस्टिक वर्कर) के रूप में 3-4 घरों में साफ-सफाई और बर्तन मांजने का काम करती थीं, जिससे उन्हें महीने के महज 2,500 रुपये की कमाई होती थी। इसी मामूली आय से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करती आई हैं। उनकी इस सादगी और संघर्ष ने ही उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया। भाजपा ने उन्हें टिकट दी और इस चुनाव के नतीजों के साथ उनकी किस्मत पलट गई।

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