हिंदू नववर्ष 2026 अयोध्या में जब से राम लला का मंदिर बना है, तब से यहां हर अवसर भव्य होता है। फिर चाहे वह नवरात्र हों, दीपावली हो या नए साल का जश्न। अब नव संवत्सर की बारी है। 19 मार्च से नव संवत्सर 2083 लग रहा है। इस बार रामनगरी में हिंदू नव वर्ष का पहला दिन बड़े ही भव्य और आध्यात्मिक माहौल में मनाने की तैयारी है। नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर साधु-संत और श्रद्धालु यहां रामकोट की परिक्रमा करेंगे। इसके साथ ही पूरे शहर में धर्म ध्वजा फहराई जाएगी और दीप प्रज्वलित करने का आह्वान भी किया जाएगा।
नव संवत्सर के लिए सज रही अयोध्या नगरी
नव संवत्सर की पूर्व संध्या यानी बुधवार 18 मार्च की शाम से ही अयोध्या में उत्सव शुरू हो जाएगा। इस दिन बड़ी संख्या में बाहर से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचेंगे। साधु-संतों के साथ श्रद्धालु भी इकट्ठा होकर रामकोट की परिक्रमा में भाग लेंगे। बता दें कि पिछले 21 वर्षों से संत समाज द्वारा रामकोट की परिक्रमा की प्रथा चली आ रही है।
नव संवत्सर की पूर्व संध्या पर सभी संत-महंत और श्रद्धालु सबसे पहले मतगजेंद्र मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वहीं से रामकोट की परिक्रमा शुरू होगी। इस परिक्रमा के दौरान संत समाज और सभी श्रद्धालु भगवान राम से देश, समाज और समानत धर्म की उन्नति के लिए प्रार्थना करेंगे। सभी कामना करेंगे कि सभी के जीवन में नव वर्ष सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।
नव संवत्सर के अवसर पर राम मंदिर ट्रस्ट ने शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में धर्म ध्वजा फहराने के साथ ही हर घर में दीप प्रज्वलित करने की भी अपील की है। इस आयोजन को भव्य और सफल बनाने के लिए आयोजक लगातार बैठकें और जन जागरण के जरिए लोगों को जानकारी दी जा रही है और देश प्रेम की भावना बढ़ाई जा रही है।
