'झूठ की कहानी का होगा पर्दाफाश' पॉक्सो कोर्ट के आदेश के बाद बोले शंकराचार्य, विरोधियों पर साधा निशाना, कहा- 'सीडी है तो सार्वजनिक करो'

प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज करने के आदेश के बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने आज वाराणसी में पत्रकारों से बात की । इस दौरान स्वामी ने इन आरोपों को सनातन धर्म के खिलाफ साजिश बताते हुए पुलिस जांच में सहयोग की बात कही है।

प्रयागराज की एक विशेष अदालत के आदेश के बाद ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन पर और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी पर यौन शोषण और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं। इस घटनाक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कानूनी प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग की बात कही है।

Avimukteshwaranand Saraswati on pocso fir

अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही (फाइल फोटो | PTI )

शंकराचार्य ने किया साजिश का दावा

इन गंभीर आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे सनातन धर्म के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया है। उन्होंने वाराणसी में मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है और समय आने पर सच सबके सामने आ जाएगा। स्वामी ने दावा किया कि जिन लड़कों के साथ दुर्व्यवहार की बात कही जा रही है, वे कभी उनके गुरुकुल में नहीं रहे और न ही उनका इस आश्रम से कोई लेना-देना है। उनके अनुसार, उन छात्रों की मार्कशीट इस बात का सबूत है कि वे हरदोई के एक स्कूल के छात्र हैं। अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि जब वे कभी यहां नहीं आए, और इस जगह से उनका कोई संबंध नहीं है, तो कोई उनके साथ कुछ कैसे कर सकता है? वे भ्रम फैला रहे हैं यह कहकर कि, 'एक सीडी है' अगर है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?

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