Arunachal Dam Protest: अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में शुक्रवार को प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के विरोध में हो रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ करने और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने बातचीत के दौरान ही प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे।
अरुणाचल प्रदेश में हिंसक हुए प्रदर्शनकारी (फोटो साभार- TNN)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पासीघाट में NHPC यानी नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन के दफ्तर में आग लगाने की भी कोशिश की। यह विरोध प्रदर्शन 11,200 मेगावाट के प्रस्तावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर पासीघाट और सियांग क्षेत्र में हो रहा है। शुक्रवार को सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में सुबह 5 बजे से 12 घंटे के बंद का आह्वान किया गया था। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हो गई।
प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव
पुलिस के मुताबिक, सियांग जिले के गेकू के पास डाइट-डाइम में करीब 150 से 200 प्रदर्शनकारी दरांती, लाठी और गुलेल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस के बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की और जवानों पर पथराव किया। सियांग के एसपी कमदम सिखोम ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे गेकू और कोमकर इलाके के प्रदर्शनकारी बंद के समर्थन में डाइट-डाइम में जमा हुए थे। उन्होंने पथराव किया और निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस झड़प में चार महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ईस्ट सियांग में भी मेबो के पास रानाघाट ब्रिज के नजदीक हिंसा हुई, जहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। इस दौरान कई लोग घायल हुए और कम से कम सात गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। यह बंद आदि बाने केबांग यूनाइटेड, SUMP अफेक्टेड एरिया यूथ एसोसिएशन, सियांग इंडीजीनस फार्मर्स फोरम यूथ विंग और आदि गालो वेलफेयर सोसाइटी ने संयुक्त रूप से बुलाया था।
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सरकार की तरफ से आया बयान
अरुणाचल सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट सियांग बेसिन में पानी को स्टोर करने और मैनेज करने के लिए है, खासकर चीन द्वारा सियांग नदी पर प्रस्तावित मेगा डैम को देखते हुए। वहीं कांग्रेस ने इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने हिरासत में लिए गए युवाओं को रिहा करने और सुरक्षा बलों को हटाने के वादे पूरे नहीं किए। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 13 अक्टूबर को युवाओं की रिहाई और FIR वापस लेने का आश्वासन दिया था।
