Amritsar News: अमृतसर में सरपंच जरमल सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी शूटर सुखराज सिंह की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई है। इस मामले को लेकर अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पूरी घटना की जानकारी साझा की और कहा कि आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला किया था, जिसके बाद यह मुठभेड़ हुई।
मामले की जानकारी देते पुलिस कमीश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर
हथियारों की रिकवरी के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सरपंच जरमल सिंह की हत्या के मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें सुखराज सिंह और करमजीत सिंह मुख्य शूटर थे। जांच में सामने आया कि सुखराज सिंह ने ही सरपंच पर पहली गोली चलाई थी। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान सुखराज ने पुलिस को बताया कि उसने नहर के पास हथियार छिपा रखे हैं। इसके बाद पुलिस टीम उसे हथियारों की बरामदगी के लिए लेकर गई थी।
पुलिस पर फायरिंग, दो बाइक सवारों ने किया हमला
जब पुलिस पार्टी हथियार बरामद कर वापस लौट रही थी, तभी दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने पुलिस पर कुल छह गोलियां चलाईं। बाइक सवारों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। फायरिंग के दौरान गाड़ी के अंदर बैठे आरोपी सुखराज सिंह ने भागने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस कर्मियों और सुखराज के बीच हाथापाई हुई, जिसमें गोली चल गई। इस घटना में एक पुलिस कर्मी और सुखराज सिंह दोनों घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान सुखराज सिंह की मौत हो गई।
गैंग के लिए अहम था सुखराज, छुड़ाने की थी साजिश
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सुखराज सिंह अपने गैंग के लिए बेहद अहम था। इसी वजह से उसके साथियों ने उसे छुड़ाने के लिए पुलिस पर ही हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि बाइक पर आए बदमाशों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच में सामने आया है कि सरपंच जरमल सिंह की हत्या प्रभ दासुवाल के कहने पर की गई थी। प्रभ दासुवाल और सरपंच के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। पुलिस का दावा है कि इस मामले में पूरा नेटवर्क क्रैक कर लिया गया है।
पहले से आपराधिक रिकॉर्ड, कई केस दर्ज
पुलिस के मुताबिक, सुखराज सिंह के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज थे। इसके अलावा पुलिस ने उस व्यक्ति की भी पहचान कर ली है, जिसने शादी समारोह के दौरान रेकी की थी। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया है। इस हत्याकांड में कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दो आरोपी शूटर थे, जबकि बाकी पांच आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने में लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराया था।
