श्रीनगर : पवित्र अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार को यात्रा के पांचवें दिन 28,035 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए, जिसके साथ ही अब तक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1,13,800 के पार पहुंच गई है। दक्षिण कश्मीर हिमालय में करीब 3,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बने हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंगलवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से इस साल अब तक का सबसे बड़ा जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। इस छठे जत्थे में 31 विदेशी नागरिकों समेत कुल 8,815 श्रद्धालु शामिल रहे।
अमरनाथ यात्रा 2026
अधिकारियों के मुताबिक, इस जत्थे में 5,831 पुरुष, 2,193 महिलाएं, 31 बच्चे, 598 साधु, 131 साध्वियां और 31 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें से 3,989 श्रद्धालु 181 वाहनों के काफिले के साथ बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुए, जबकि 4,826 श्रद्धालु 182 वाहनों से पहलगाम मार्ग के लिए निकले।
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जम्मू आधार शिविर से अब तक 34,829 श्रद्धालु रवाना
दो जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के बाद से अब तक जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 34,829 श्रद्धालु कश्मीर घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं। जत्थे के रवाना होने के दौरान पूरा आधार शिविर 'बम-बम भोले', 'हर-हर महादेव' और 'जय बर्फानी बाबा की' के जयकारों से गूंज उठा। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को रवाना हुआ जत्था इस साल का अब तक का सबसे बड़ा जत्था है। इससे पहले रविवार को 6,721 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ था, जबकि सोमवार को 5,794 और 4 जुलाई को 4,812 श्रद्धालु यात्रा के लिए निकले थे।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा। प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बिना पंजीकरण वाले श्रद्धालुओं से कुछ दिनों के लिए यात्रा स्थगित करने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण 9 जुलाई तक के सभी पंजीकरण स्लॉट भर चुके हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही कश्मीर की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को नए स्लॉट उपलब्ध होने तक निर्धारित जांच केंद्रों पर रोका जाएगा।
