Prayagraj News: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रयागराज में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। अयोध्या और राम मंदिर के संदर्भ में विपक्ष पर निशाना साधने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों के ठीक बाद, अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए भाजपा पर आस्था के नाम पर 'धन और डोनेशन' की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा के घेरा (स्क्रीनग्रैब: ANI)
अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग हमेशा 'नेशन फर्स्ट' (राष्ट्र प्रथम) की बात करते थे, आज उनके आचरण से लग रहा है कि उनके लिए 'डोनेशन फर्स्ट' (चंदा प्रथम) ही सब कुछ है। समाजवादी लोग चाहते हैं कि सनातन धर्म की रक्षा हो, लेकिन इसकी आड़ में कोई गोरखधंधा या खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
"भाजपा के शब्दकोश में न धर्म बचा है, न शर्म"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा प्रमुख ने अयोध्या में कथित अनियमितताओं और चढ़ावे को लेकर भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि क्या कोई कल्पना कर सकता था कि लोगों की श्रद्धा और आस्था के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ हो सकती है? यह इनकी चतुराई और चालबाज़ी है। वहां के CCTV फुटेज मौजूद हैं। जनता के सामने यह आंकड़े आने चाहिए कि कितनी बार CCTV को बंद किया गया। अब तो लोग कह रहे हैं कि CCTV का मतलब ही 'चंदा चोरी, चढ़ावा चोरी' हो गया है। यह बात गांव-गांव तक पहुंच गई है और गरीब महिलाएं पूछ रही हैं कि जब चढ़ावे में ही चोरी होनी है, तो हम चढ़ावा क्यों दें?"
अखिलेश ने आगे चुटकी लेते हुए एक नया नारा उछाला, "चोर चोर सौतेले भाई, जिन्होंने चुराई राम की पाई, देखो जा रहा वो भाजपाई जिसने खाई राम की पाई।" उन्होंने कहा कि जो दूसरों पर झूठे आरोप लगाते थे, आज भगवान ने खुद उनकी असल चोरी सबके सामने ला दी है।
मुख्यमंत्री के दौरों पर उठाया सवाल
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरों पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री वहां जाने के वर्ल्ड रिकॉर्ड बना रहे थे और बार-बार गिनवाते थे कि वे कितनी बार दर्शन कर चुके हैं। लेकिन सोचिए, उनके इतने दौरों के बाद भी उन्हें जमीनी हकीकत की जानकारी नहीं मिली। तभी तो कहावत बनी है, चिराग तले अंधेरा।
अखिलेश ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को अपने नाक के नीचे हो रही चीजों की खबर नहीं है, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य की तहसीलों, थानों और बाकी जगहों पर भ्रष्टाचार किस कदर बढ़ गया होगा।
