अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा (21 June to 30 June 2026): देशभर में मौसम का मिजाज अगले 10 दिनों तक बदला-बदला रहने वाला है। एक ओर मानसून धीरे-धीरे नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और लू का असर एक साथ देखने को मिल सकता है। वेदर सिस्टम की बात करें तो निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर मौसमी द्रोणिका (सीजनल ट्रफ) पंजाब से बिहार तक फैली हुई है। इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मध्य क्षोभमंडल में सक्रिय है, जो 72 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास उत्तरी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश से तटीय आंध्र प्रदेश तक एक द्रोणिका विस्तारित है। वहीं, मध्य असम और उसके आसपास भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो पूर्वोत्तर भारत में वर्षा गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है। दक्षिण भारत में रायलसीमा क्षेत्र के ऊपर मध्य क्षोभमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके साथ ही पूर्वी बिहार से तटीय गंगीय पश्चिम बंगाल तक निचले स्तर की पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ सक्रिय है, जिसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
अगले 10 दिन का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में अगले 10 दिन का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में अगले 10 दिनों के दौरान मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 21 से 24 जून के बीच क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। 25 जून के बाद बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं, लेकिन आसमान में आंशिक बादल छाए रहने और बीच-बीच में बूंदाबांदी होने की संभावना बनी रहेगी। अधिकतम तापमान में पहले दो दिनों तक लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने के बाद अगले कुछ दिनों में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि महीने के अंत तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान है।
यूपी में अगले 10 दिन का मौसम कैसा रहेगा?
बात अगर उत्तर प्रदेश के मौसम की करें तो तो मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21-22 जून तथा 25 से 27 जून के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 जून और फिर 26-27 जून को बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 जून तक कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे दिन के समय गर्मी का असर महसूस होगा। हालांकि बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। कुल मिलाकर अगले 10 दिनों में उत्तर प्रदेश में गर्मी, उमस, बारिश और आंधी-तूफान का मिला-जुला मौसम देखने को मिलेगा, जहां पूर्वी हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां अधिक रहने का अनुमान है।
लू से लेकर भीषण लू की स्थिति
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और 23 जून के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और क्षेत्रों में इसकी प्रगति होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में 25 जून तक तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 22 जून तक बहुत भारी से अत्यंत भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है। वहीं, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है।
ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी चलने की संभावना
छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिन, तेलंगाना में दो दिन तथा मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पूर्वी भारत, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अगले दो दिनों तक तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में भी अगले 24 घंटों के दौरान इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। जम्मू-कश्मीर में कहीं-कहीं ओलावृष्टि और 22 जून को राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है।
गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों, खासकर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में आगामी दिनों में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, मध्य भारत में छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। इनमें से कुछ क्षेत्रों में भारी और अत्यंत भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं
पश्चिमी भारत में गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में अगले सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कोंकण और गोवा में 22 जून के बाद कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी व्यापक वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाएं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। तापमान के लिहाज से उत्तर-पश्चिम भारत में 22 जून तक अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जबकि उसके बाद अगले कुछ दिनों में इसमें फिर बढ़ोतरी होने की संभावना है। देश के अधिकांश अन्य हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम के ऐसे मिले-जुले हालात 30 जून तक रह सकते हैं।
