अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा (1 August to 10 August 2026): अगस्त की शुरुआत के साथ देश के कई हिस्सों में मानसून फिर से जोर पकड़ता नजर आ रहा है और कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम प्रणालियों के सक्रिय प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं, कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश को लेकर भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। वेदर सिस्टम की बात करें तो मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति से उत्तर में बना हुआ है।
अगले 10 दिन का मौसम
1 अगस्त 2026 को सुबह 8:30 बजे तक दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में बना अवदाब कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में तब्दील हो गया है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण राजस्थान की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे और कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके अलावा, निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्वी बिहार तक एक ट्रफ रेखा सक्रिय है। समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ (Off-shore Trough) बनी हुई है। वहीं, निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर-पूर्वी असम और आसपास के इलाकों में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है। दक्षिण-पूर्वी हिमाचल प्रदेश और आसपास भी निचले स्तरों पर ऐसा ही चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही, मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।
दिल्ली-एनसीआर में अगले 10 दिन का मौसम
दिल्ली-एनसीआर के लिए अगले 10 दिनों यानी 1 से 10 अगस्त 2026 के दौरान मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 से 7 अगस्त के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है, जबकि 1-2 अगस्त को भी कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। 2 से 4 अगस्त के बीच दिल्ली-एनसीआर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से क्षेत्र में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।
यूपी में अगले 10 दिन के मौसम का हाल
वहीं उत्तर प्रदेश में भी मौसम का हाल कुछ ऐसा ही रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 7 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश के आसार हैं। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के कई दौर बन सकते हैं। खासतौर पर 2 से 6 अगस्त के बीच पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी यूपी में 3 से 5 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के साथ कई इलाकों में बादलों की आवाजाही और मौसम में ठंडक देखने को मिल सकती है। वहीं, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का दौर
उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगस्त के पहले हफ्ते के दौरान मानसून एक्टिव रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 1 से 7 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पंजाब में 3 और 4 अगस्त, जबकि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 7 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने की संभावना है। उत्तराखंड में भी 1 से 7 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली और गरज के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में इस अवधि में भारी बारिश के आसार हैं। वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में 2 से 4 अगस्त, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 5 अगस्त और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 6 अगस्त के दौरान भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 1 और 2 अगस्त को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश भी होने की संभावना है।
मध्य भारत में भी मानसून रहेगा सक्रिय
मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश के आसार हैं। विदर्भ में 1 अगस्त और फिर 5-6 अगस्त को बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 3 से 7 अगस्त के बीच कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश और विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में इस दौरान छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। विदर्भ में 2 से 5 अगस्त के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में 1 से 5 अगस्त के दौरान ऐसा मौसम बनने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 अगस्त, पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 7 अगस्त और छत्तीसगढ़ में 3 से 7 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मानसून के सक्रिय रहने की उम्मीद है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 1 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में 2 से 7 अगस्त, जबकि बिहार में 2 से 6 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। अंडमान-निकोबार में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। झारखंड में 1 से 5 अगस्त के दौरान तेज हवाओं और आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 1 से 3 अगस्त और बिहार में 1 से 7 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ मौसम प्रभावित हो सकता है। ओडिशा में 1 से 7 अगस्त के बीच गरज और बिजली गिरने की संभावना है। बारिश की बात करें तो अंडमान-निकोबार में पूरे सप्ताह भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 1 से 5 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 3 अगस्त और फिर 5 से 7 अगस्त, झारखंड में 5 अगस्त, बिहार में 2 से 5 अगस्त और ओडिशा में 2 से 7 अगस्त के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश के आसार
पूर्वोत्तर भारत में भी अगस्त की शुरुआत बारिश के साथ होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 1 और 4 अगस्त को कई इलाकों में बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 1 से 5 अगस्त तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1 से 7 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 1 और 2 अगस्त को गरज-चमक के साथ मौसम खराब रह सकता है। असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 1 से 5 अगस्त तक आकाशीय बिजली और गरज की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में 2-3 अगस्त तथा 5-7 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। वहीं, इन क्षेत्रों में 1 और 4 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1 से 4 अगस्त के दौरान भी बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी भारत में ऐसा रहेगा मौसम
पश्चिमी भारत में भी मानसून के मजबूत रहने के संकेत हैं। कोंकण और गोवा में 1 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 1 अगस्त, गुजरात क्षेत्र में 1 और 2 अगस्त तथा सौराष्ट्र-कच्छ में 1 से 3 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में 1 से 3 अगस्त, मध्य महाराष्ट्र में 2 और 3 अगस्त तथा गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं। मध्य महाराष्ट्र में 1 अगस्त को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं, गुजरात में 1 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है।
दक्षिण भारत में भी बारिश और तेज हवाओं का असर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगस्त के पहले सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। तटीय कर्नाटक और केरल-माहे में 1 से 7 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। लक्षद्वीप में 1 से 4 अगस्त तथा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 1 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तेलंगाना, रायलसीमा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 1 से 7 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं का प्रभाव भी देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, लक्षद्वीप, रायलसीमा तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी में 1 से 3 अगस्त तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। तेलंगाना में 1 से 5 अगस्त और तटीय कर्नाटक व केरल में 1-2 अगस्त के दौरान भी तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है।
केरल और माहे में 1 अगस्त तथा 5 से 7 अगस्त के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 1 और 3 अगस्त को बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 1 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, केरल-माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश हो सकती है। कर्नाटक के उत्तर और दक्षिण आंतरिक हिस्सों में 1 और 2 अगस्त को गरज के साथ तेज हवाओं वाला तूफानी मौसम बन सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने की संभावना है।
तटीय कर्नाटक, केरल-माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 1-2 अगस्त को तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 1 से 4 अगस्त तथा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और तेलंगाना में 1 से 5 अगस्त तक तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, 1 अगस्त को केरल-माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। कुल मिलाकर मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मौसम के ऐसे हालात 10 अगस्त तक बने रह सकते हैं।
