अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। देश के विकास के मैप पर दिल्ली-एनसीआर हमेशा आगे रहता है। खासतौर पर अगर बात रोड इंफ्रास्ट्रक्चर की करें तो यहां एक से बढ़कर एक सड़क परियोजनाएं लाई गई हैं। फिर चाहे वह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे हो, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हो, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे हो या द्वारका एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफरल वे हों। एनसीआर को एक और एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और भी बेहतर बनाएगा। बता दें कि NCR में 76 किमी लंबा एक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जो जेवर तक सफर को आसान बना देगा। चलिए जानते हैं -
दिल्ली-एनसीआर को एक और एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी मिलेगी
कहां बनेगा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
जिस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की हम बात कर रहे हैं वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर जिले में बनेगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी। एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 76 किमी होगी और यह जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान बनाएगा।
लिंक एक्सप्रेसवे का नाम क्या है
जिस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की हम यहां बात कर रहे हैं, उसका नाम गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे नाम होगा। यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर में स्याना के पास गंगा एक्सप्रेसवे से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा में बन रही फिल्म सिटी के पास यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा। इस तरह से गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे, यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को यूपी के पहले एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करेगा।
लिंक एक्सप्रेसवे के लिए बजट का प्रावधान
कल यानी सोमवार 22 दिसंबर को उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा में अपना अनुपूरक बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले अनुपूरक बजट में बुलंदशहर जिले को बड़ी सौगात मिली। इसके तहत जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए बजट में 1246 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट के एलोकेशन से बुलंदशहर के लोगों में खुशी की लहर है। इस लिंक एक्सप्रेसवे के बन जाने से मेरठ, बुलंदशहर, खुर्जा, स्याना के इलाकों की जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। इससे यूपी के पूर्व-पश्चिम और NCR क्षेत्रों के बीच यात्रा में समय भी काफी बचेगा।
गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे से होंगे ये फायदे
16 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण
गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 16 गांवों की लगभग 740 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। जमीन का सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है। 76 किमी के इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 4000 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। अनुपूरक बजट में लिंक एक्सप्रेसवे के लिए बजट का प्रावधान होने के बाद UPEIDA इसके निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। YEIDA क्षेत्र में अगले महीने यानी जनवरी 2026 में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
56 गांवों से होकर जाएगा लिंक एक्सप्रेसवे
गंगा यमुना लिंक एक्सप्रेसवे का करीब 20 किमी हिस्सा यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) क्षेत्र में होगा। इसमें से 9 किमी का हिस्सा एलिवेटेड बनाया जाएगा। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड का निर्माण भी किया जाएगा। यह लिंक एक्सप्रेसवे कुल 56 गांवों से गुजरेगा, जिसमें गौतमबुद्ध नगर जिले के 8 और बुलंदशहर जिले के 48 गांव शामिल हैं।
रोजगार के अवसर पैदा होंगे
गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे के बन जाने से यमुना सिटी के इंडस्ट्रियल सेक्टर 28, 29, 32 और 33 से सीधा इससे जुड़ जाएंगे। इससे क्षेत्र में इंडस्ट्रियल इंवेस्टमेंट, लॉजिस्टिक्स और जॉब्स के भी कई नए अवसर पैदा होंगे।
