1984 सिख विरोधी दंगा मामला: हिंसा के एक मामले में कोर्ट से बरी हुए पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार, 2 लोगों की हुई थी मौत

दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता को बरी कर दिया। हिंसा का यह मामला जनकपुरी-विकासपुरी का है, यहां हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने अपने बचाव में कहा था कि वह निर्दोष है, और कभी इसमें शामिल नहीं थे।

1984 anti-Sikh riots: 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बड़ी राहत दी है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता को बरी कर दिया। हिंसा का यह मामला जनकपुरी-विकासपुरी का है, यहां हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने अपने बचाव में कहा था कि वह निर्दोष है, और कभी इसमें शामिल नहीं थे। सज्जन कुमार ने कहा कि मेरे खिलाफ एक भी सबूत नहीं है।

sajjan kumar

कांग्रेस के पूर्व नेता हैं सज्जन कुमार।

उम्र कैद की मिल चुकी है सजा

साल 1984 में दिल्ली में दो सिखों जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या मामले में सज्जन कुमार को दोषी मानते हुए कोर्ट ने फरवरी 2025 में उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई। शिकायतकर्ता, जसवंत की पत्नी और अभियोजन पक्ष ने कुमार के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। वहीं, सिख नेता गुरलाद सिंह ने कहा, 'हमें मौत की सजा से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। हम अदालत के फैसले से खुश नहीं हैं। हम सरकार से अपील करेंगे कि वह उच्च न्यायालय जाए और सज्जन कुमार के लिए मौत की सजा की मांग करे।'

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