आपके SIP से फंड मैनेजर तो खूब बना रहा पैसे, फिर आपका पोर्टफोलियो कम क्यों? जानिए इसके पीछे का छिपा गणित!

आपकी एसआईपी (SIP) बेहतरीन मुनाफा दिखा रही है, फिर भी कुल पोर्टफोलियो का रिटर्न कम क्यों है? आइए बताते हैं कैसे एसेट एलोकेशन, नया निवेश और XIRR बनाम CAGR का फर्क आपके ओवरऑल रिटर्न को बदल देता है।

म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करने वाले ज्यादातर निवेशकों के साथ अक्सर एक अजीब स्थिति बनती है। जब वे अपने मोबाइल ऐप में किसी व्यक्तिगत म्यूचुअल फंड स्कीम को देखते हैं, तो वहां उनकी एसआईपी (SIP) का रिटर्न बहुत शानदार, जैसे 15 या 20 फीसदी दिखाई देता है। यह देखकर निवेशक को लगता है कि फंड मैनेजर उनके पैसे से खूब मुनाफा कमा रहा है। लेकिन, जैसे ही वे अपने पूरे निवेश का 'ओवरऑल पोर्टफोलियो रिटर्न' (Overall Portfolio Return) देखते हैं, तो वह आंकड़ा काफी कम, मान लीजिए 8 या 10 फीसदी ही नजर आता है। यह स्थिति देखकर किसी भी आम निवेशक का चकरा जाना लाजमी है। वे सोचने लगते हैं कि जब उनकी हर एसआईपी मुनाफे में है, तो फिर कुल मिलाकर उनका पूरा पोर्टफोलियो इतना पीछे क्यों छूट गया? आइए जानते हैं इसके पीछे कक गणित?

SIP Negative Return

रिटर्न और पोर्टफोलियो में क्यों है अंतर?

इस अंतर को समझने के लिए सबसे पहले हमें रिटर्न मापने के दो अलग-अलग तरीकों CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) और XIRR (एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न) के फर्क को जानना होगा। जब आप किसी म्यूचुअल फंड का ऐतिहासिक रिटर्न देखते हैं या लम्पसम (एकमुश्त) निवेश करते हैं, तो वहां रिटर्न की गणना 'CAGR' से होती है, जो केवल शुरुआती और आखिरी वैल्यू को देखता है। लेकिन, जब आप एसआईपी करते हैं, तो आपका पैसा हर महीने अलग-अलग तारीखों पर निवेश होता है। यानी, जो किस्त आपने 3 साल पहले दी थी, उसे बढ़ने के लिए पूरा समय मिला, लेकिन जो किस्त आपने पिछले महीने दी है, उसे केवल 30 दिन का समय मिला है। इस तरह के टुकड़ों में होने वाले निवेश के सही रिटर्न को मापने के लिए 'XIRR' का इस्तेमाल किया जाता है। अक्सर ऐप में दिखने वाला एसआईपी रिटर्न XIRR होता है, जो व्यक्तिगत स्तर पर बहुत अधिक दिख सकता है, जबकि पूरे पोर्टफोलियो का औसत रिटर्न निकालते समय समय अवधि का यह गणित आंकड़े को बदल देता है।

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