Share Market Outlook for Next week: पिछले हफ्ते शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली। निफ्टी और सेंसेक्स नए रिकॉर्ड हाई पर बंद हुए थे। बता दें कि पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 720.56 अंक या 0.84 प्रतिशत उछला और एनएसई निफ्टी 286.25 अंक या 1.09 प्रतिशत बढ़ा था। निफ्टी ने शुक्रवार को 26,340 के अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर को छुआ था। ऐसे में सोमवार से शुरू हो रहे नए हफ्ते में शेयर बाजार की चाल कैसी रहेगी? अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे होंगे। आइए आपको बताते हैं।
स्टॉक मार्केट
स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, अगले सप्ताह शेयर बाजार बाजार की चाल व्यापक आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक रुझानों और विदेशी निवेशकों की कारोबारी गतिविधियों से तय होगी। कारोबारियों ने कहा कि घरेलू संस्थागत निवेशक बिना रुके पूंजी निवेश कर रहे हैं, जिससे पिछले सप्ताह शेयर बाजार में तेजी रही। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के शोध विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (एसवीपी) अजीत मिश्रा ने कहा, ''इस सप्ताह घरेलू और वैश्विक, दोनों स्तरों पर कई आंकड़े आने की उम्मीद है। बाजार कंपनियों के तिमाही नतीजों के शुरुआती चरण में प्रवेश कर रहा है। भारत में निवेशकों की नजर एचएसबीसी सेवा क्रय प्रबंधक सूचकांक (सर्विसेज पीएमआई) और संयुक्त पीएमआई के अंतिम आंकड़ों पर रहेगी। वैश्विक स्तर पर वृद्धि, मांग और मुद्रास्फीति के रुझानों के लिए अमेरिका और चीन के प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।''
नतीजों पर रहेगी निवेशकों की नजर
ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ''बाजार का ध्यान अब तीसरी तिमाही के नतीजों पर है। निवेशक नतीजों से पहले प्रमुख दिग्गज कंपनियों में चुनिंदा रूप से अपनी पोजीशन बना सकते हैं। घरेलू स्तर पर, सेवा और संयुक्त पीएमआई के आंकड़े व्यापारिक गति और रोजगार के रुझानों के बारे में जानकारी देंगे।'' उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ध्यान अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों पर रहेगा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड पर भी इस सप्ताह निवेशकों की नजर रहेगी।
अमेरिकी बेरोजगारी के आंकड़े आएंगे
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि आने वाले सप्ताह के लिए निवेशक वैश्विक बाजार की दिशा के लिए अमेरिकी पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों पर ध्यान देंगे। कुल मिलाकर भावना रचनात्मक रहने की उम्मीद है, हालांकि बाजार एक स्थिर दायरे में रह सकते हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 2026 की शुरुआत सतर्क रुख के साथ की है। पिछले साल के अपने बिकवाली के सिलसिले को जारी रखते हुए उन्होंने जनवरी के पहले दो कारोबारी सत्रों में भारतीय इक्विटी से 7,608 करोड़ रुपये निकाले। इससे पहले उन्होंने 2025 में 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी की थी। ऐसा अस्थिर मुद्रा, वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिकी शुल्क संबंधी चिंताओं और बाजार के बढ़े हुए मूल्यांकन के कारण हुआ।
