ईरान संकट के चलते भारत में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से गुजरने वाले समुद्री रास्ते बंद होने का असर भारत पर पड़ा है। इस रूट के बाधित होने से गैस और कच्चे तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत में करीब 70% गैस की आपूर्ति इसी रूट से होती है। अब इस रूट के बंद होन से सप्लाई में बड़ी गिरावट आ गई है, जिससे देशभर में गैस की किल्लत हो गई है। सरकार गैस की सप्लाई को बेहतर बनाने के लिए कमर्शियल सिलेंडर और उद्योगों की गैस आपूर्ति में कटौती की है। हालांकि, इसका बहुत ज्यादा असर नहीं हुआ है। कालाबाजारी और होर्डिंग के चलते लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा हैं। इससे पैनिक हालात बनते जा रहे हैं।
क्या फिर महंगा होगा एलपीजी सिलेंडर?
एनर्जी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो एलपीजी की सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर पड़ सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले दिनों में LPG सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं कि इस मुद्दे पर एनर्जी एक्सपर्ट्स की क्या राय है।
क्या LPG सिलेंडर के दाम फिर बढ़ेंगे?
ऊर्जा विशेषज्ञ, नरेंद्र तनेजा ने टाइम्स नाउ हिंदी को बताया कि ईरान संकट के कारण भारत में गैस की आपूर्ति धीमी हुई है, बिल्कुल बंद नहीं! सप्लाई कम होने से गैस की किल्लत हो रही है। गैस की किल्लत की एक दूसरी वजह अफवाह भी है। गैस को लेकर अफवाह का बाजार गर्म है कि आने वाले दिनों में ईरान युद्ध के चलते लंबे समय तक गैस नहीं मिलेगा। सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों ने इसमें धी डालने का काम किया है। इससे लोग अधिक से अधिक स्टॉक करना चाह रहे हैं। इससे गैस की मांग एकदम से बढ़ गई है। इस मौके का फायदा उठाकर कुछ लोग कालाबाजारी और होर्डिंग कर रहे हैं। इससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
अब जहां तक सिलेंडर और महंगा होने का सवाल है तो मेरा मानना है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान युद्ध 12वें दिन में प्रवेश कर गया है। अगर यह युद्ध अगले 10 दिन और चलता है तो भारत में तेल और गैस की आपूर्ति और प्रभावति होगी। गैस की आपूर्ति कम होने का कीमतों पर असर होगा। सिलेंडर की कीमत में एक बार और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसा इसलिए होगा कि युद्ध जारी रहने से वैश्विक गैस की कीमतों में भारी उछाल आएगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का असर भारत में भी होगा। यहां भी गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ानी होगी। हालांकि, कीमत में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह कहना अभी मुश्किल है।
गैस के लिए आयात पर निर्भर भारत
भारत अपनी कुकिंग गैस की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अभी भी आयात पर निर्भर है। देश की LPG की लगभग 60% मांग आयात के जरिए पूरी होती है, जिसमें से लगभग 80-90% सप्लाई सऊदी अरब, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे मध्य-पूर्वी देशों से आती है। नतीजतन, इस क्षेत्र में होने वाली किसी भी रुकावट का भारत में घरेलू LPG की कीमतों पर तुरंत असर पड़ता है। 7 मार्च को, घरेलू LPG की कीमतों में सभी शहरों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों की कीमत में लगभग 114-115 रुपये की बढ़ोतरी हुई।
