Share market में इस पूरे सप्ताह बिकवाली हावी रही। वहीं, जनवरी में अब तक कुल सात दिन ट्रेडिंग हुई। इनमें से 1 और 2 जनवरी के सत्र को छोड़ दें, तो चौतरफा दबाव में बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स में 2.5 से 3 फीसदी तक की गिरावट हो चुकी है। पिछले पांच सत्रों से लगातार बिकवाली के चलते शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में 14 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। 2 जनवरी को भारतीय बाजार की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 48,201,715.67 रुपये रहा था। वहीं, शुक्रवार को 3 बजे यह 46,783,397.41 रह गया। इस तरह जनवरी के पीक वैल्यूएशन की तुलना में 14,18,318.26 करोड़ रुपये की कमी आ चुकी है।
जनवरी में ठंडा पड़ा जोश (इमेज क्रेडिट, कैन्वा)
कैसा रहा निफ्टी सेंसेक्स का हाल?
Sensex-Nifty दिन की शुरुआत में पॉजिटिव नोट पर खुले। लेकिन, जल्द ही चौतरफा बिकवाली के दबाव में तमाम ब्रॉड और सेक्टरल इंडेक्स के साथ ही दोनों बेंचमार्क इंडेक्स भी लाल निशान में आ गए। दिन बढ़ने के साथ ही बाजार में गिरावट बढ़ती गई। सेंसेक्स जहां दिन में अपने डे हाई से 900 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 83,576.24 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 25900 और 25700 के मेजर सपोर्ट लेवल को तोड़ते हुए 25,683 पर बंद हुआ। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, आईटी और PSU बैंक को छोड़कर सभी सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
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इन तीन वजहों से टूटा बाजार
1. FII की बिकवाली
भारतीय शेयर बाजार में सबसे बड़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से आया। जनवरी की शुरुआत से ही FIIs इक्विटी से पैसा निकाल रहे हैं। इससे बाजार में लिक्विडिटी घटी और बड़े निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर पड़ा। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भी इस दबाव को पूरी तरह संतुलित नहीं कर पाई, नतीजा यह हुआ कि सेंसेक्स और निफ्टी पर तेज गिरावट देखने को मिली।
2. ट्रंप के टैरिफ पर असमंजस
अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त टैरिफ लगाने की चर्चा ने बाजार में घबराहट बढ़ाई। इस कदम का असर भारत जैसे उभरते बाजारों पर पड़ सकता है। साथ ही कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा और एशियाई बाजारों में गिरावट ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को तेज किया। ग्लोबल संकेतों के कमजोर रहने से निवेशकों ने सुरक्षित पोजिशन लेना बेहतर समझा।
3. टेक्निकल ब्रेकडाउन
तकनीकी स्तरों पर निफ्टी 26,000 और फिर 25,950 के अहम सपोर्ट के नीचे फिसल गया। इसके साथ ही इंडेक्स 20 दिन और 50 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे चला गया, जिससे शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के स्टॉप-लॉस ट्रिगर हुए और बाजार में एक चेन रिएक्शन शुरू हो गया। टेक्निकल ब्रेकडाउन के बाद बैंक, IT और मेटल शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली और गिरावट और गहरी हो गई।
