सोना बेचने के बजाय गोल्ड लोन लेना क्यों पसंद करते हैं भारतीय; जानिए कारण

Benefits of gold loan over selling gold: सोने का भाव पिछले 2–3 वर्षों में 200 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ चुके हैं, बावजूद इसके देखा जा रहा है कि भारतीय कैश की जरूरत के लिए सोना बेचने के बजाय उस पर लोन लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

Benefits of gold loan over selling gold: भारत में सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और आर्थिक संपत्ति भी माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों के ट्रेंड को देखें तो देखा जा सकता है कि जरूरत पड़ने पर लोग सोना बेचने के बजाय गोल्ड लोन लेना ज्यादा पसंद करते हैं। हाल के वर्षों में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। UBS की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय परिवारों के पास लगभग 28,000 टन सोना है, जिसकी कुल कीमत करीब 4.5 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है। यह भारत की पूरी नॉमिनल जीडीपी से भी ज्यादा है। आइए जानते हैं भारत में किन कारणों से पैसों की जरूरत के लिए गोल्ड लोन लेना पसंद किया जाता है-

Benefits of gold loan over selling gold

गोल्ड लोन क्यों बनता है भारतीयों की पहली पसंद (Photo: iStock)

सोने से भावनात्मक लगाव

इस ट्रेंड का सबसे बड़ा कारण सोने से जुड़ा भावनात्मक लगाव होना है। भारतीय परिवारों में सोना अक्सर विरासत (heritage) के रूप में पीढ़ी-दर-पीढ़ी मिलता है। इसलिए लोग इसे बेचना पसंद नहीं करते, बल्कि जरूरत पड़ने पर इसके बदले लोन लेना बेहतर समझते हैं।

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