अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Google और Alphabet के CEO Sundar Pichai का White House में बेहद अनोखे अंदाज में परिचय कराया। मंगलवार को Trump ने AI और टेक्नोलॉजी कंपनियों के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक और लंच किया। इसके बाद जब वह मीडिया से बात कर रहे थे, तब उन्होंने Sundar Pichai को पत्रकारों के सामने बोलने के लिए बुलाया।
Trump ने सुंदर पिचाई को क्यों कहा मॉन्स्टर?
Pichai ने अपनी बात शुरू करते हुए कहा, “First of all, thanks...” लेकिन वह अपनी बात पूरी कर पाते, उससे पहले ही Trump ने उन्हें बीच में रोक दिया। इसके बाद Trump ने पत्रकारों की तरफ देखते हुए कहा कि यह व्यक्ति “Monster” है और “Nobody knows”। उन्होंने आगे कहा कि लोगों को सिर्फ Sundar नाम याद रखना चाहिए। Trump ने टेक्नोलॉजी क्षेत्र के बड़े अधिकारियों की जिंदगी की भी तारीफ की और कहा कि उन्हें रोजाना पत्रकारों का सामना नहीं करना पड़ता।
ट्रंप ने क्यों कहा मॉन्स्टर?
आपको बता दें कि Donald Trump ने Sundar Pichai को ‘Monster’ किसी निगेटिव मतलब में नहीं कहा था। दरअसल, वह Alphabet के CEO हैं और उनके नेतृत्व में Google, Android और Gemini जैसे दुनिया में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स आते हैं। Trump का इशारा इस बात की ओर था कि इतनी बड़ी टेक कंपनी की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद Pichai को रोजाना मीडिया के तीखे सवालों और आलोचनाओं का सामना नहीं करना पड़ता।इसके उलट Trump खुद राष्ट्रपति के तौर पर अपनी नीतियों और फैसलों को लेकर अक्सर मीडिया के सवालों और आलोचनाओं का सामना करते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने Pichai की अपेक्षाकृत कम सार्वजनिक मौजूदगी और मीडिया से दूरी को लेकर यह टिप्पणी की। Trump ने Pichai को पत्रकारों से मिलवाते हुए उन्हें ‘Monster’ कहा और बाद में Pichai ने भी मजाकिया अंदाज में इस टिप्पणी का जवाब दिया।
Trump की इस बात पर Sundar Pichai मुस्कुराते नजर आए। उन्होंने माहौल को हल्का करते हुए कहा, “Hopefully a better tagline than I’m a monster!” यानी उम्मीद है कि यह टैगलाइन ‘मैं एक Monster हूं’ से बेहतर होगी। उनके इस जवाब के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया।
यह पूरा वाकया White House में हुई उस बैठक के बाद हुआ, जिसमें दुनिया की कई बड़ी टेक और AI कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए थे। बैठक का मुख्य मुद्दा AI की सुरक्षा, कंपनियों द्वारा खुद नियम बनाने और नई AI तकनीक के विकास से जुड़े जोखिमों पर चर्चा था।
सुपर इंटेलिजेंस समझौते के दौरान हुई मुलाकात
यह पूरा दिलचस्प वाकया White House में Trump और दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों के बीच हुई एक अहम बैठक के बाद सामने आया। बैठक में AI के सुरक्षित विकास और कंपनियों की ओर से खुद सुरक्षा मानक तय करने को लेकर चर्चा हुई। इसमें Sundar Pichai के अलावा Anthropic के CEO Dario Amodei, Meta के CEO Mark Zuckerberg, Nvidia के CEO Jensen Huang और OpenAI के President Greg Brockman समेत कई बड़े टेक अधिकारी मौजूद थे।
बैठक के दौरान Trump और टेक कंपनियों के प्रमुखों ने AI के लिए एक स्वैच्छिक सुरक्षा समझौते पर सहमति जताई। Trump ने इस समझौते की तुलना देश के संविधान से करते हुए कहा कि यह एक तरह से सुरक्षा कवच की तरह है। उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं और उन्होंने भी राष्ट्रपति के तौर पर इस पर साइन किया है।
वहीं, Sundar Pichai ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कंपनियां AI के विकास में सुरक्षा और कंट्रोल्स की ऐसी व्यवस्था अपनाएंगी, जैसी कंपनियों में वित्तीय मामलों को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल की जाती है। उन्होंने कहा कि इन जानी-मानी और बेहतर प्रक्रियाओं को अब ‘Super Intelligence’ के विकास में भी लागू किया जाएगा।
इस समझौते में AI कंपनियों के लिए मजबूत आंतरिक सुरक्षा नियंत्रण, जोखिम की समीक्षा और स्वतंत्र बाहरी ऑडिट जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है। समझौता स्वैच्छिक है, लेकिन इसका उद्देश्य तेजी से विकसित हो रही AI तकनीक से जुड़े संभावित जोखिमों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
