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Wholesale Inflation: थोक महंगाई दर में मामूली राहत, लेकिन सब्जियों-दालों के दाम बढ़ें

Wholesale Inflation: आंकड़ों के अनुसार फरवरी में खाद्य मुद्रास्फीति जनवरी के 6.85 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 6.95 प्रतिशत हो गई।सब्जियों की महंगाई दर जनवरी के 19.71 से बढ़कर फरवरी में 19.78 फीसदी रही। दालों की थोक महंगाई दर फरवरी में 18.48 फीसदी रही, जो जनवरी में 16.06 फीसदी थी।

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थोक महंगाई दर घटी

Wholesale Inflation:थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में घटकर 0.2 प्रतिशत हो गई, जो जनवरी में 0.27 प्रतिशत थी। थोक महंगाई दर अप्रैल से अक्टूबर तक नकारात्मक थी और नवंबर में 0.26 प्रतिशत पर सकारात्मक हो गई थी। आंकड़ों के अनुसार फरवरी में खाद्य मुद्रास्फीति जनवरी के 6.85 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 6.95 प्रतिशत हो गई।सब्जियों की महंगाई दर जनवरी के 19.71 से बढ़कर फरवरी में 19.78 फीसदी रही।दालों की थोक महंगाई दर फरवरी में 18.48 फीसदी रही, जो जनवरी में 16.06 फीसदी थी।

खाने-पीने की चीजे महंगी

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को आंकड़े जारी तकरते हुए कहा है कि अखिल भारतीय थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) संख्या पर आधारित मुद्रास्फीति की वार्षिक दर फरवरी, 2024 के महीने के लिए 0.20 प्रतिशत (अस्थायी) है, जो फरवरी, 2023 से अधिक है।आंकड़ों के अनुसार फरवरी में खाद्य मुद्रास्फीति जनवरी के 6.85 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 6.95 प्रतिशत हो गई।सब्जियों की महंगाई दर जनवरी के 19.71 से बढ़कर फरवरी में 19.78 फीसदी रही। दालों की थोक महंगाई दर फरवरी में 18.48 फीसदी रही, जो जनवरी में 16.06 फीसदी थी।

रिटेल महंगाई में भी मिली थोड़ी राहत

इसके पहले फरवरी की रिटेल महंगाई दर मामूल गिरावट के साथ 5.09 फीसदी पर आ गई। जनवरी के महीने में खुदरा महंगाई दर 5.10 फीसदी रही थी। सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार, दिसंबर 2023 में 5.69 फीसदी पर रही थी। हालांकि, फरवरी में खाद्य महंगाई में तेजी देखने को मिली है। खाद्य महंगाई दर 8.66 फीसदी रही है, जो जनवरी में 8.30 फीसदी पर थी। कोर महंगाई दर जो खाद्य और ऊर्जा की अस्थिर कीमतों को दूर करती है, जनवरी के 3.6 फीसदी के मुकाबले 3.3 फीसदी पर आ गई। यह 2012 के बाद से सबसे कम है।

TNN Business Desk
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