Loan के लिए EMI का 30% नियम क्या है? बचत का ये फॉर्मूला कैसे करता है काम

नया घर या कार खरीदने के लिए लोन लेना एक आम जरूरत है, लेकिन अक्सर लोग अपनी क्षमता से ज्यादा कर्ज लेकर मुश्किल में पड़ जाते हैं।

अगर आप भी होम लोन (Home Loan) या कार लोन (Car Loan) लेने का विचार बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके काम की साबित हो सकती है। घर या कार लोन लेने से पहले आपको अपनी वित्तीय क्षमता को समझना बेहद जरूरी है। हालांकि, एक सवाल जो लोन (Loan) को लेकर हर किसी के जेहन में आता है वही यही है कि सैलरी (Salary) का कितना हिस्सा ईएमआई (EMI) में जाना चाहिए। बैंक और फाइनेंशियल एक्सपर्ट इस सवाल का जवाब 30 प्रतिशत ईएमआई रूल से देते हैं। 30 प्रतिशत ईएमआई रूल क्या है और यह नियम क्यों जरूरी है इस आर्टिकल में सभी जरूरी जानकारी देने जा रहे हैं-

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Loan (Photo: iStock)

30 प्रतिशत ईएमआई रूल क्या है

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30 प्रतिशत ईएमआई रूल के अनुसार, आपकी कुल मासिक आय (Monthly Income) का 30% से ज्यादा हिस्सा ईएमआई (EMI) में नहीं जाना चाहिए। 30 प्रतिशत ईएमआई रूल आपको यह तय करने में मदद करता है कि आप बिना अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को प्रभावित किए कितना लोन आराम से चुका सकते हैं। उदाहरण से समझें तो अगर आपकी सैलरी 80,000 रुपये प्रति माह है, तो आपकी कुल ईएमआई 24,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे आपके पास बाकी खर्चों जैसे घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल जरूरतें और बचत के लिए पर्याप्त पैसा बचा रहता है। वहीं, अगर आपकी ईएमआई 24000 रुपये से अधिक होती है तो महीने के अंत में बजट बिगड़ सकता है और वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

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