ईरान संकट का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या असर? अर्थशास्त्रियों ने बताया- आपकी जेब पर कहां और कितना पड़ेगा असर

Iran Crisis: ब्रेंट क्रूड का भाव बीते शुक्रवार को लगभग 8.5 प्रतिशत चढ़कर 92.69 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया जो एक सप्ताह पहले 70 डॉलर के आसपास था। 28 फरवरी को समाप्त सप्ताह की तुलना में ब्रेंट क्रूड के भाव में लगभग 32 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। एलएनजी की कीमतें भी लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध थमने का नाम नहीं ले रही है। इसकी चपेट में पूरा मिडिल ईस्ट आ गया है। भारतीय इकोनॉमी पर भी इस युद्ध का असर होने की आशंका जताई जा रही है। अर्थशास्त्री और मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक एन आर भानुमूर्ति ने कहा कि ईरान संकट से कच्चे तेल और गैस के दाम में तेज वृद्धि से देश में बुरा बढ़ने, रुपये की दर में गिरावट के साथ कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

Iran-Us War

ईरान युद्ध

कच्चे तेल के दाम में रिकॉर्ड उछाल

अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के बाद से कच्चे तेल की कीमत में तेज वृद्धि हुई है और यह 2023 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

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