WFH करने वालों की मौज या मुश्किल? नए वेज कोड के ये नियम जानना आपके लिए है बेहद जरूरी

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान वॉर क्राइसिस के चलते देश के लोगों से अपील की है कि जितना हो सके घर से निकलने बचे और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दें, ऐसे में आइए जानते हैं WFH करने वालों की मौज या मुश्किल?

कोरोना काल के बाद 'वर्क फ्रॉम होम' (Work From Home) का चलन पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ा है। भारत में भी आईटी (IT) और कई अन्य सेक्टर की कंपनियों ने इसे स्थाई रूप से अपना लिया है। इसी बदलाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने नए लेबर कोड (New Labour Code) या नए वेज कोड में वर्क फ्रॉम होम को लेकर विशेष प्रावधान किए हैं। अब तक घर से काम करना केवल कंपनी और कर्मचारी के बीच का आपसी समझौता होता था, लेकिन अब सरकार इसे कानूनी ढांचे के भीतर लाने की तैयारी कर रही है। इससे उन करोड़ों कर्मचारियों पर सीधा असर पड़ेगा जो ऑफिस जाने के बजाय घर से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

Work From Home

नए लेबर कोड में क्या है खास?

नए लेबर कोड के तहत 'वर्क फ्रॉम होम' को पहली बार औपचारिक मान्यता दी जा रही है। सरकार ने 'मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर्स' में इसके लिए अलग से प्रावधान किए हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम को लेकर एक स्पष्ट पॉलिसी बनानी होगी। नए नियमों के अनुसार, कंपनी और कर्मचारी आपसी सहमति से घर से काम करने का विकल्प चुन सकते हैं। इसके लिए बकायदा सर्विस कंडीशन (Service Conditions) तय की जाएंगी, जिससे भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में कर्मचारी के पास कानूनी सुरक्षा होगी।

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