Narendra Modi News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत आज ऐसी स्थिति में पहुंच गया है कि वह दुनिया को धीमी ग्रोथ से बाहर निकाल सकता है। पीएम ने कहा कि 'हम ठहरे हुए पानी में कंकड़ मारकर खुश होने वाले लोग नहीं है बल्कि बहती धारा को मोड़ने वाले लोग हैं। भारत समय को मोड़ देने वाला सामर्थ्य लेकर चल रहा है। यही बात मैंने पिछले दिनों लाल किले की प्राचीर से भी कही।' प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पीड, स्केल और स्कोप इन तीन पैरामीटर्स से भारत विकसित होगा। पीएम ने 2014 के बाद कृषि, उद्योग, अंतरिक्ष, तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों का जिक्र किया।
ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 को संबोधित करते पीएम मोदी।
देश में और तेज होंगे रिफॉर्म्स-प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने कहा कि रिफॉर्म्स को लेकर उनकी सरकार बड़े कदम उठाती आई है। आने वाले समय में सुधारों की प्रक्रिया और तेज होगी। पीएम ने कहा कि 'इतने सुधार करने के बाद मोदी आराम कर लेगा, यह मेरी सोच में नहीं है। अभी रिफॉर्म्स का पिटारा हम लेकर आने वाले हैं। हम जटिल चीजों को आसान बना रहे हैं। जीएसटी रिफॉर्म दीवाली तक पूरी हो जाएगी। इस रिफॉर्म्स से भारत की अर्थव्यव्स्था तेजी से आगे बढ़ेगी। देश को 2047 तक विकसित करने के लिए हम पूरी ताकत से जुटे हैं। यह आत्मनिर्भर भारत से ही संभव है। यह आत्मनिर्भरता स्पीड, स्केल और स्कोप इन तीन पैरामीटर्स से संभव है।'
'स्पेस सेक्टर में बीते 11 सालों में 60 से ज्यादा मिशन हुए पूरे'
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 35 साल में 42 मिशन हुए थे लेकिन पिछले ग्यारह सालों में 60 से ज्यादा मिशन पूरे हो चुके हैं। आने वाले समय में कई सारे मिशन होने हैं। इसी साल हमने स्पेस डॉकिंग का सामर्थ्य हासिल किया है। यह भविष्य के मिशन के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। गगनयान मिशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्री स्पेस में जाएंगे। शुभांशु शुक्ला के अनुभव से हमें बहुत मदद मिलेगी। हमने पहली बार निजी क्षेत्र के लिए नियम बनाए। स्पेस स्टार्ट-अप के लिए हमने हजारों करोड़ का फंड दिया है। आज देश में 300 से ज्यादा स्पेस स्टार्टअप हैं। वह दिन भी दूर नहीं जब स्पेस में हमारा स्पेस स्टेशन होगा। हम क्वांटम जंप का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। रिफॉर्म्स हमारे लिए न बाध्यता हैं और न ही मजबूरी। हम समग्र दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ते हैं।'
दुनिया की ग्रोथ में भारत का योगदान बहुत जल्द 20% होगा-पीएम
दिल्ली में 'ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां जियोइकोनॉमिक्स पर विस्तार से चर्चा हुई है। इससे भारत की इकोनॉमी की मजबूती का अहसास होता है। भारत दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है। भारत बहुत जल्दी ही दुनिया की तीसरी इकॉनमी बनने वाला है। एक्सपर्ट का कहना है कि दुनिया की ग्रोथ में भारत का योगदान बहुत जल्द करीब 20 प्रतिशत होने जा रहा है। यह ग्रोथ, इसके पीछे बीते एक दशक में भारत में आई मैक्रो इकॉनमी की स्थिरता है। आज हमारा वित्तीय घाटा कम होकर 4.4 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है। यह तब है जब हमने कोविड का इतना बड़ा संकट झेला है। हमारी कंपनियां रिकार्ड फंड जुटा रही हैं और बैंक पहले से मजबूत हुए हैं और महंगाई कम है।
'100 देशों को इलेक्ट्रिक व्हीकल भी निर्यात करने जा रहा भारत'
पीएम ने कहा कि आज विदेशी मुद्रा भंडार बहुत मजबूत है। हर महीने घरेलू निवेशक एसआईपी के जरिए हजारों करोड़ रुपए बाजार में लगा रहे हैं। अर्थव्यवस्था की बुनियाद जब मजबूत होती है तो लोग ज्यादा निवेश करते हैं। एक हफ्ते में जो कुछ हुआ है वह अपने आप में भारत की ग्रोथ स्टोरी का शानदार उदाहरण है। अकेले जून महीने में इपीएफओ डेटा में 22 लाख औपचारिक जॉब जुड़े हैं। यह संख्या अब तक के किसी भी महीने से ज्यादा है। भारत की रीटेल महंगाई 2017 के बाद सबसे कम स्तर पर है। पीएम ने कहा कि पहले की नीतियों में आयात पर बहुत जोर था लेकिन आज कृषि जैसे क्षेत्र में भारत 4 लाख करोड़ के कृषि उत्पाद निर्यात कर चुका है। वैक्सीन बनाने में हमने रिकॉर्ड बनाया है। इलेक्ट्रानिक उपकरणों का निर्यात आसमान छू रहा है। मेट्रो, रेल कोच का हम निर्यात कर रहे हैं। भारत अब दुनिया के 100 देशों को इलेक्ट्रिक व्हीकल भी निर्यात करने जा रहा है।
आज 'मिसिंग द बस' वाला भारत नहीं है-पीएम
पीएम ने कहा कि बीते दिनों एक और खबर चर्चा में रही है। एसएंडपी ग्बोलबल रेटिंग ने भारत की क्रेडिट रेटिंग अपडेट की है। ऐसा दो दशकों के बाद हुआ है। भारत अपनी ताकत से बाकी दुनिया की उम्मीद बना हुआ है। आज 'मिसिंग द बस' वाला भारत नहीं है। यानी कोई अवसर आए और निकल जाए। हमारे देश में पहले की सरकारों ने तकनीकी की ऐसी ही कई बसें छोड़ी हैं। लोकतंत्र में तुलनात्मक बात करने पर स्थिति ज्यादा स्पष्ट होती है। पहली की सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति में उलझा कर रखा। उनकी सोच चुनाव से आगे जाती ही नहीं थी। हम मानकर चलते थे कि कटिंग एज टेक्नॉलजी बनाने का काम विकसित देशों का है। यही वजह है कि सालों तक हमारे देश को दुनिया के बहुत से देशों से पीछे रहना पड़ा। हम बस मिस करते रहे। भारत ने तय कर लिया कि अभ कोई भी बस नहीं छोड़नी है बल्कि ड्राइविंग सीट पर बैठकर आगे बढ़ना है। इसलिए हमने अपना पूरा 5जी देश में ही विकसित किया। इसे देश भर में पहुंचाया भी। अब हम मेड इन इंडिया 6जी पर काम कर रहे हैं। भारत में सेमीकंडक्टर की शुरुआत भी 50 -60 साल पहले हो सकती थी। भारत ने यह बस भी मिस कर दी। आज हमने यह स्थिति बदली है। भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़ी कंपनियां लगनी शुरू हो चुकी हैं। इस साल के अंत तक पहली मेड इन इंडिया चिप बाजार में आ जाएगी।
