UPI ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा चार्ज, वित्त मंत्रालय ने जारी किया स्पष्टीकरण

UPI Transactions Charges: वित्त मंत्रालय ने यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लगाने की खबरों को गलत और भ्रामक बताया। वित्त मंत्रालय ने कहा कि यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर चार्ज किए जाने की अटकलें और दावे पूरी तरह से झूठे, निराधार और भ्रामक हैं। इस तरह की निराधार और सनसनी पैदा करने वाली अटकलें हमारे नागरिकों के बीच अनावश्यक अनिश्चितता, भय और संदेह पैदा करती हैं। सरकार यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

UPI Transactions Charges: वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बड़े यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लगाने की खबरों को गलत और भ्रामक बताया। ऑनलाइन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के निराधार दावे नागरिकों में अनावश्यक भय और भ्रम पैदा करते हैं। जानकारी के अनुसार, बुधवार को वित्त मंत्री ने कहा कि यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) लेनदेन पर एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाए जाने की अटकलें और दावे पूरी तरह से झूठे, निराधार और भ्रामक हैं। आज से पहले, कई रिपोर्ट ऑनलाइन प्रसारित हुईं, जिसमें दावा किया गया कि सरकार बड़े टिकट वाले यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाने की योजना बना रही है।

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UPI ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा चार्ज: वित्त मंत्रालय

2016 में लॉन्च हुआ था UPI

बता दें, इससे पहले आज कई रिपोर्ट ऑनलाइन प्रसारित हुईं, जिसमें दावा किया गया कि केन्द्र सरकार बड़े टिकट वाले यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाने की योजना बना रही है। मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि इस तरह की निराधार और सनसनीखेज अटकलें हमारे नागरिकों में अनावश्यक अनिश्चितता, भय और संदेह पैदा करती हैं। 2016 में लॉन्च होने के बाद से, UPI ने तेजी से विकास किया है, जो कि नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों, स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे निजी खिलाड़ियों के प्रवेश से प्रेरित है।

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