UPI पेमेंट बताएगा देश में कहां-कितना खर्च हो रहा? स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों तक का डेटा जुटाने की तैयारी

UPI Payments: सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) अब शिक्षा और स्वास्थ्य पर होने वाले निजी खर्च को मापने के लिए UPI लेनदेन डेटा का उपयोग करेगा, जिससे देश के सेवा उत्पादन सूचकांक का दायरा 78.4% हो जाएगा।

UPI Payments : भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब केवल रोजमर्रा के लेनदेन का जरिया नहीं रहेगा, बल्कि यह देश के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की वास्तविक तस्वीर पेश करने में भी मदद करेगा। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने एक नया प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत UPI डेटा के जरिए यह ट्रैक किया जाएगा कि देश में लोग स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और अस्पतालों पर कितना खर्च कर रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नए 'सेवा उत्पादन सूचकांक' (Index of Services Production) के दायरे को बढ़ाना और आर्थिक गतिविधियों का सटीक अनुमान लगाना है।

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UPI भुगतान से पता चलेगा देश का हाल: स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों के खर्च पर सरकार की नजर

सेवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में शिक्षा और स्वास्थ्य की भूमिका

देश के सर्विस सेक्टर में शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा योगदान है। भारत के सेवा क्षेत्र के कुल मूल्य वर्धन (GVA) में इन दोनों क्षेत्रों की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से अधिक है। इसमें अकेले शिक्षा क्षेत्र का योगदान 7.2 प्रतिशत है, जबकि स्वास्थ्य और आवासीय देखभाल सेवाओं की हिस्सेदारी लगभग 3 प्रतिशत है। हालांकि, बड़े पैमाने पर योगदान देने के बावजूद अब तक इन क्षेत्रों में होने वाले मासिक खर्च का सटीक और त्वरित डेटा उपलब्ध नहीं हो पाता था।

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