अंडर-कंस्ट्रक्शन vs रेडी-टू-मूव: होम लोन पर कौन सा घर खरीदना ज्यादा फायदेमंद, किस विकल्प में बचेंगे लाखों रुपये?

Under Construction vs Ready to Move Homes: क्या आप घर खरीदने जा रहे हैं तो आपके सामने अंडर-कंस्ट्रक्शन और रेडी-टू-मूव के विकल्प होते हैं। आइए जानते हैं लोन लेकर घर खरीदने का कौन सा विकल्प बेहतर साबित होगा।

Under Construction vs Ready to Move Homes : घर खरीदना ज्यादातर परिवारों के लिए जीवन का सबसे बड़ा आर्थिक फैसला होता है। लोग आमतौर पर लोकेशन, बिल्डर, सुविधाएं और कीमत देखकर घर चुनते हैं, लेकिन एक बहुत अहम बात अक्सर नजरअंदाज हो जाती है। क्या प्रॉपर्टी तैयार (Ready-to-Move) है या अभी बन रही है (Under-Construction), इसका होम लोन (Home Loan) की कुल लागत पर क्या असर पड़ता है। ऊपर से देखने पर लगता है कि 50 लाख रुपये का होम लोन, 8% ब्याज दर और 20 साल की अवधि में हर स्थिति में समान रहेगा। EMI भी करीब एक जैसी होगी। लेकिन असलियत में दोनों मामलों में कुल ब्याज (Total Interest) में बड़ा फर्क आ सकता है। कुछ कैलकुलेशन के अनुसार, अंडर-कंस्ट्रक्शन घर लेने वाले खरीदार को तैयार घर लेने वाले की तुलना में करीब 8 लाख रुपये तक ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है। फर्क क्यों आता है? असली कारण क्या है? इस अंतर की मुख्य वजह है बैंक द्वारा लोन देने का तरीका।

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अंडर-कंस्ट्रक्शन बनाम रेडी-टू-मूव घर: होम लोन में कौन बचाता है ज्यादा पैसा? (तस्वीर-istock)

रेडी-टू-मूव प्रॉपर्टी में क्या होता है?

जब आप तैयार घर खरीदते हैं, तो बैंक पूरा लोन एक साथ जारी कर देता है। इसके बाद आपकी EMI तुरंत शुरू हो जाती है। हर EMI में दो हिस्से होते हैं। मूलधन और ब्याज। इससे हर महीने आपका लोन धीरे-धीरे कम होता जाता है।

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