त्योहारों के बाद अब वेडिंग सीजन में फिर चमकेगा बाजार, दिल्ली की शादियों में खर्च होंगे 1.8 लाख करोड़

दिल्ली इस वेडिंग सीजन का सबसे बड़ा हब रहेगी। यहां करीब 4.8 लाख शादियां होने की संभावना है, जिनसे ₹1.8 लाख करोड़ का खर्च होने का अनुमान है। तुलना करें तो 2024 में 48 लाख शादियों से ₹5.90 लाख करोड़ का और 2023 में 38 लाख शादियों से ₹4.74 लाख करोड़ का कारोबार हुआ था।

फेस्टिव सीजन में रिकॉर्ड तोड़ शॉपिंग के बाद अब वेडिंग सीजन में भी खरीदारी का रिकॉर्ड टूटने वाला है। दिवाली की रौनक खत्म होते ही अब देश में वेडिंग सीजन की धमक शुरू हो गई है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की रिसर्च विंग CRTDS के अनुसार, इस बार 1 नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के बीच भारत में करीब 46 लाख शादियां होने का अनुमान है। इससे बाजार में लगभग ₹6.50 लाख करोड़ का विशाल कारोबार होने की उम्मीद है। यह आंकड़ा बताता है कि भारत की शादी इंडस्ट्री घरेलू व्यापार की एक मजबूत रीढ़ बन चुकी है, जहां परंपरा और आधुनिकता दोनों का ज़बरदस्त मेल देखने को मिलता है।

Wedding Season

दिल्ली में होगा सबसे ज्यादा खर्च

दिल्ली इस वेडिंग सीजन का सबसे बड़ा हब रहेगी। यहां करीब 4.8 लाख शादियां होने की संभावना है, जिनसे ₹1.8 लाख करोड़ का खर्च होने का अनुमान है। तुलना करें तो 2024 में 48 लाख शादियों से ₹5.90 लाख करोड़ का और 2023 में 38 लाख शादियों से ₹4.74 लाख करोड़ का कारोबार हुआ था। यानी इस बार शादी की संख्या भले ही लगभग बराबर हो, लेकिन प्रति शादी खर्च काफी बढ़ गया है। वजह है लोगों की बढ़ती आय, गोल्ड और अन्य चीज़ों की बढ़ती कीमतें और त्योहारों के बाद उत्साहपूर्ण खरीदारी माहौल।

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