Ethanol Petrol-एथेनॉल मिक्स पेट्रोल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका

एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से पुराने और कई नए वाहन तकनीकी रूप से प्रभावित होने का दावा किया जा रहा, जिससे माइलेज घटने और इंजन में नुकसान जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

केंद्र सरकार के 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता एडवोकेट अक्षय मल्होत्रा ने कहा है कि देशभर में केवल एथेनॉल मिक्स पेट्रोल की बिक्री करना उपभोक्ताओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, क्योंकि करोड़ों वाहन अभी भी इस तरह के पेट्रोल के अनुकूल नहीं हैं।

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एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को लेकर याचिका में क्या है मांग?

याचिका में कहा गया है कि एथेनॉल पेट्रोल से गाड़ियों की माइलेज घट रही है। इंजन और वाहन के अन्य हिस्सों में जंग लग रही है तथा मरम्मत पर खर्च भी बढ़ रहा है। याचिका में दलील दी गई है कि इस पेट्रोल के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के क्लेम को बीमा कंपनियां भी खारिज कर रही हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि सरकार ने ऑटोमोबाइल कंपनियों को पर्याप्त समय दिए बिना ही इस नीति को लागू कर दिया, जो मनमाना और गैरजरूरी है।

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