भारत में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए मजबूत घरेलू निजी निवेश जरूरी: राजन

राजन ने यह भी कहा कि इन समस्याओं का समाधान संभव है और सरकार मजबूत वृद्धि दर हासिल करने के लिए आर्थिक सुधारों में रुचि दिखा रही है। उन्होंने कहा, ‘क्योंकि एक बार जब हम घरेलू निवेश, यानी अपनी कंपनियों के निवेश को ठीक कर लेंगे, तो हम प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को भी ठीक कर सकते हैं।’

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि जब तक भारत में घरेलू निजी निवेश नहीं बढ़ेगा, तब तक देश अपेक्षा के मुताबिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित नहीं कर पाएगा। राजन ने कहा कि भारत में कंपनियों के निवेश में सतत रूप से वृद्धि नहीं हो रही है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें यह अजीब नहीं लगता कि जिस देश में आर्थिक वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत (वित्त वर्ष 2025-26) है, जो दुनिया में किसी भी देश के मुकाबले सबसे अधिक है, वहां से पूंजी बाहर जा रही है, राजन ने कहा, ‘अगर आपका निजी क्षेत्र भी निवेश कर रहा होता, तो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आता, लेकिन आपका निजी क्षेत्र निवेश नहीं कर रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए, यहां कुछ कमी है और हो सकता है, जैसा कि कुछ लोगों ने तर्क दिया है, यह नीतिगत अनिश्चितता के कारण हो।’

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पूर्व आरबीआई गवर्नर ने कहा कि निकट भविष्य में भी भारत के पास डॉलर बॉन्ड में काफी भंडार रहेगा। (फोटो क्रेडिट-iStock)

राजन ने यह भी कहा कि इन समस्याओं का समाधान संभव है और सरकार मजबूत वृद्धि दर हासिल करने के लिए आर्थिक सुधारों में रुचि दिखा रही है। उन्होंने कहा, ‘क्योंकि एक बार जब हम घरेलू निवेश, यानी अपनी कंपनियों के निवेश को ठीक कर लेंगे, तो हम प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को भी ठीक कर सकते हैं।’

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