पिछले हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। अब निवेशकों की नजर सोमवार से शुरू होने वाले नए सप्ताह पर है। क्या बाजार में गिरावट जारी रहेगी या रिकवारी लौटी? मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि अगले हफ्ते शेयर बाजार की दिशा अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता के नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की कारोबारी गतिविधियों पर निर्भर करेगी। एक्सपर्ट के अनुसार, रविवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता होने वाली है। शुक्रवार को 'मुहर्रम’ के कारण शेयर बाजार बंद रहेंगे।
शेयर बाजार
अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया पर रहेगी नजर
एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, "निवेशकों का ध्यान आगामी सप्ताह में अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया से जुड़े घटनाक्रमों पर केंद्रित रहेगा। कच्चे तेल की कीमतें एक प्रमुख कारक बनी रहेंगी। इनकी स्थिरता भारत के वृहद आर्थिक दृष्टिकोण को समर्थन देगी, जबकि पश्चिम एशिया में संबंधों में किसी भी तरह की गिरावट से बाजार में फिर से अस्थिरता बढ़ सकती है।" विश्लेषकों ने कहा कि बाजार मानसून की प्रगति पर भी नजर रखेगा।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "आगे चलकर बाजार में देखो और इंतजार करो की स्थिति बनी रहने की संभावना है, हालांकि मौलिक रुख धीरे-धीरे सकारात्मक हो रहा है। भारत धीरे-धीरे दो प्रमुख बाधाओं शुल्क संबंधी अनिश्चितता और वैश्विक तनाव से बाहर निकल रहा है, जिससे मूल्यांकन में सुधार को समर्थन मिलेगा।"
पिछले सप्ताह सेंसेक्स 1,274 अंक उछला था
मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार ने पिछले सप्ताह भी अपनी सुधार की प्रक्रिया जारी रखी, जिसे वैश्विक चिंताओं में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार का समर्थन मिला। पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 1,274.95 अंक यानी 1.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
विदेशी निवेशकों की वापसी
अगले हफ्ते विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर (FPI) की एक्टिविटी पर नजर रहेगी। 15 जून के बाद से FPI के एक्शन में साफ बदलाव आया है। 19 जून को खत्म हुए हफ़्ते के दौरान, FPI ने तीन दिन शेयर खरीदे और सिर्फ दो दिन बेचे। 19 जून को खत्म हुए हफ़्ते के लिए, FPI ने कैश मार्केट में कुल मिलाकर 3,386 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी है। इससे यह नतीजा निकाला जा सकता है कि भारत में FPI की लगातार बिकवाली अब खत्म हो गई है।
