त्योहारों पर सस्ती EMI न फंसा दे कर्ज के जाल में, भूलकर भी न करें ये काम

फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर मिल रही आकर्षक डील आपको खरीदारी के लिए आकर्षित कर सकती है। लेकिन सस्ती ईएमआई आपको कर्ज के जाल में फंसा सकती है।

त्योहारी सीजन (Festive Season) में ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप, फ्रिज और दूसरे महंगे सामान पर आकर्षक डिस्काउंट मिलते हैं। इसके साथ ही नो-कॉस्ट EMI, इंस्टेंट क्रेडिट, क्रेडिट कार्ड ऑफर (Credit Card Offers) और Buy Now Pay Later जैसी सुविधाएं खरीदारी को आसान बना देती हैं। लेकिन कम मंथली किस्त देखकर लिया गया सामान अक्सर बजट पर भारी पड़ता है और इसका पता देर से लगता है।

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सस्ती EMI न फंसा दे कर्ज के जाल में (Photo: iStock)

नई EMI बढ़ा सकती है कर्ज का बोझ

मान लीजिए किसी महंगे स्मार्टफोन की कीमत 1 लाख रुपये है। अगर इसे EMI में बांट दिया जाए तो हर महीने कुछ हजार रुपये की किस्त ही नजर आती है। यही छोटी रकम लोगों को खरीदारी के लिए आकर्षित कर सकती है। लेकिन अगर पहले से होम लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड EMI या किसी अन्य कर्ज की किस्त चल रही है, तो नई EMI कुल मासिक खर्च को काफी बढ़ा सकती है।

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