BSE और NSE पर एक ही भाव में बिकेंगे शेयर, SEBI ने रखा प्रस्ताव

सेबी (SEBI) ने मल्टीपल एक्सचेंजों (जैसे NSE और BSE) पर लिस्टेड शेयरों के लिए प्राइस बैंड और क्लोजिंग प्राइस की व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है।

भारतीय शेयर बाजार को रेगुलेट करने वाली संस्था सेबी (SEBI) ने रिटेल निवेशकों के हितों की रक्षा करने और ट्रेडिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सेबी ने एक नया कंसल्टेशन पेपर जारी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन शेयरों की कीमतों में आने वाले अंतर को खत्म करना है जो एक से अधिक एक्सचेंजों (जैसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज-NSE और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज-BSE) पर लिस्टेड हैं। अक्सर देखा जाता है कि एक ही कंपनी के शेयर का भाव एक ही समय पर एनएसई और बीएसई दोनों पर थोड़ा अलग-अलग होता है। इस वजह से बाजार में विसंगतियां पैदा होती हैं और आम निवेशकों को सही कीमत का अंदाजा लगाने में दिक्कत होती है। सेबी अब इसी अंतर को पूरी तरह खत्म करने की तैयारी में है ताकि निवेशकों को हर जगह एक समान दाम मिल सके।

BSE NSE

'No Trade' वाले एक्सचेंज के लिए सेबी का नया फॉर्मूला

सेबी ने अपने प्रस्ताव में साफ किया है कि यदि कोई शेयर दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर लिस्टेड है, लेकिन किसी तकनीकी खराबी या किसी अन्य वजह से एक एक्सचेंज पर तो उसकी ट्रेडिंग हो रही है और दूसरे पर 'नो ट्रेड' (ट्रेडिंग न होना) की स्थिति है, तो इसके लिए नियम बदले जाएंगे। ऐसी स्थिति में, जिस एक्सचेंज पर ट्रेडिंग रुकी हुई थी, वहां का 'बेस प्राइस' तय करने के लिए उस एक्सचेंज के क्लोजिंग प्राइस को आधार बनाया जाएगा जहां सक्रिय रूप से ट्रेडिंग चल रही थी। इसके अलावा, जिस एक्सचेंज पर उस शेयर का सबसे ज्यादा वॉल्यूम (यानी भारी मात्रा में खरीद-बिक्री) रहा होगा, उसके क्लोजिंग प्राइस को भी बेस प्राइस माना जा सकता है।

End of Feed