Share Market Today 19 March आज शेयर बाजार में फिर भारी तबाही के संकेत हैं। अमेरिकी, यूरोपीय और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट है। वहीं, भारतीय फ्यूचर इंडेक्स गिफ्ट निफ्टी भी 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। इससे भारत के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। खासतौर पर क्रूड ऑयल में तेज उछाल और रुपये की कमजोरी ने चिंता बढ़ा दी है। GIFT NIFTY की गिरावट संकेत दे रही है कि भारतीय बाजार की शुरुआत दबाव में हो सकती है।
तीन दिन की राहत के बाद फिर बाजार में बड़ी गिरावट
कितना होगा नुकसान?
मौजूदा स्तर (करीब 23,000) पर निफ्टी के हर 100 अंक की गिरावट लगभग 0.4–0.45% के बराबर होती है और चूंकि निफ्टी 50 का प्रभावी मार्केट कैप करीब ₹210–240 लाख करोड़ के बीच है, इसलिए हर 100 अंक गिरने पर करीब ₹90,000 करोड़ से ₹1 लाख करोड़ तक मार्केट कैप साफ हो सकता है। इसी आधार पर अगर बाजार 200 से 600 अंक गैप डाउन खुलता है, तो कुल मिलाकर लगभग ₹2 लाख करोड़ से ₹5.5–6 लाख करोड़ तक की वैल्यूएशन घट सकती है, हालांकि वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि गिरावट किन हैवीवेट शेयरों में केंद्रित है।
टेक स्टॉक्स पर दबाव
अमेरिकी बाजारों में लगातार कमजोरी बनी हुई है। S&P 500 और Nasdaq में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जो टेक और ग्रोथ स्टॉक्स में बिकवाली का संकेत देती है। Dow Futures हल्की बढ़त में जरूर है, लेकिन ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है और टेक्निकल संकेत ‘Very Bearish’ बने हुए हैं।
| इंडेक्स | LTP | बदलाव | % बदलाव | हाई | लो | ओपन | पिछला बंद |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Dow Jones Futures | 46,334.91 | +109.76 | +0.24% | 46,913.93 | 46,193.06 | 46,913.93 | 46,225.15 |
| S&P 500 | 6,624.71 | -91.38 | -1.36% | 6,705.18 | 6,623.66 | 6,694.85 | 6,716.09 |
| Nasdaq | 22,152.42 | -327.11 | -1.46% | 22,461.76 | 22,144.76 | 22,420.64 | 22,479.53 |
| FTSE 100 | 10,305.29 | -98.31 | -0.95% | 10,447.70 | 10,279.06 | 10,419.32 | 10,403.60 |
| CAC 40 | 7,969.88 | -4.61 | -0.06% | 8,066.62 | 7,944.34 | 8,004.70 | 7,974.49 |
| DAX | 23,502.25 | -228.67 | -0.97% | 23,957.10 | 23,449.56 | 23,854.40 | 23,730.92 |
| GIFT NIFTY | 23,324.50 | -475.50 | -2.00% | 23,348.00 | 23,165.50 | 23,289.50 | 23,800.00 |
| Nikkei 225 | 53,753.00 | -1,486.40 | -2.69% | 53,929.00 | 53,550.00 | 53,535.00 | 55,239.40 |
| Hang Seng | 25,600.00 | -425.42 | -1.63% | 25,710.00 | 25,502.92 | 25,516.00 | 26,025.42 |
| Shanghai Composite | 4,024.01 | -38.97 | -0.96% | 4,037.47 | 4,015.10 | 4,028.54 | 4,062.98 |
यूरोप में भी कमजोरी
यूरोपीय बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली है, जहां DAX और FTSE करीब 1% तक टूटे हैं। CAC में गिरावट सीमित रही, लेकिन ओवरऑल सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है। यह संकेत देता है कि ग्लोबल स्तर पर निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और बाजारों में व्यापक दबाव है।
एशियाई बाजारों से नेगेटिव संकेत
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी हावी है। जापान का Nikkei 2.5% से ज्यादा टूटा है, जबकि Hang Seng और Shanghai Composite में भी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे बड़ा संकेत GIFT NIFTY से मिल रहा है, जो करीब 2% गिरकर ट्रेड कर रहा है और भारतीय बाजार के लिए कमजोर शुरुआत का इशारा दे रहा है।
क्रूड में उछाल, भारत के लिए चिंता
कमोडिटी बाजार में Brent Crude 4% से ज्यादा उछलकर $112 के पार पहुंच गया है। यह भारत जैसे आयातक देश के लिए बड़ा जोखिम है क्योंकि इससे महंगाई, करेंट अकाउंट डेफिसिट और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। Crude की तेजी बाजार के लिए शॉर्ट टर्म में नेगेटिव ट्रिगर बन सकती है।
| कमोडिटी | LTP ($) | बदलाव | % बदलाव | हाई | लो | ओपन | पिछला बंद |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Brent Crude | 112.01 | +4.63 | +4.31% | 112.83 | 110.55 | 110.86 | 107.38 |
| Crude Oil (WTI) | 96.94 | +0.62 | +0.64% | 100.02 | 96.56 | 99.76 | 96.32 |
| Gold | 4,855.53 | +35.99 | +0.75% | 4,867.34 | 4,804.47 | 4,836.41 | 4,819.54 |
रुपये में कमजोरी, डॉलर इंडेक्स नरम
USD/INR 92.63 के स्तर पर पहुंच गया है, जो रुपये में कमजोरी को दर्शाता है। हालांकि डॉलर इंडेक्स थोड़ा नरम हुआ है, लेकिन क्रूड की तेजी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से रुपये पर दबाव बना हुआ है।
| करेंसी पेयर | LTP | बदलाव | % बदलाव | हाई | लो | ओपन | पिछला बंद |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Dollar Index (DXY) | 100.06 | -0.23 | -0.23% | 100.25 | 99.99 | 100.21 | 100.29 |
| USD/INR | 92.63 | +0.25 | +0.27% | 92.64 | 92.41 | 92.41 | 92.38 |
भारतीय बाजार पर क्या असर
ग्लोबल संकेतों को देखते हुए भारतीय बाजार में आज दबाव के साथ शुरुआत की संभावना है। खासकर IT, मेटल और हाई बीटा सेक्टर में कमजोरी देखने को मिल सकती है, जबकि ऑयल की तेजी से ऑटो, पेंट और एविएशन सेक्टर पर भी असर पड़ सकता है। ग्लोबल बाजार फिलहाल ‘रिस्क ऑफ’ मोड में हैं, जहां निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। ऐसे माहौल में भारतीय बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ सकती है और निवेशकों को चुनिंदा और सतर्क रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा।
