Stock Market Closing Bell Today : आज 30 अक्टूबर, 2026 को शेयर बाजार में मिलाजुला कारोबार रहा। बेंचमार्क इंडेक्स Sensex जहां 308 अंक तेजी के साथ 74459.53 अंक पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 116.35 अंक ऊपर 23053.10 पर बंद हुआ। इससे पहले सेंसेक्स ने दिन में 74,742.59 का हाई और 74,082.03 का लो बनाया। दूसरी तरफ निफ्टी 23,118.10 के ऊपरी और 22,905.10 के निचले स्तर तक पहुंचा।
मिलाजुला रहा शेयर बाजार में कारोबार
खास बात यह रही कि बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी के बावजूद व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। NSE पर कारोबार करने वाले 3,633 शेयरों में से 2,511 गिरावट में रहे, जबकि 1,013 शेयरों में तेजी आई। यानी बाजार में बढ़त के बावजूद गिरने वाले शेयरों की संख्या चढ़ने वाले शेयरों से काफी ज्यादा रही।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बढ़ाई चिंता
बाजार में जारी वोलैटिलिटी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। शुक्रवार को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2.36% चढ़कर 113.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी क्रूड की कीमत 2.12% बढ़कर 104.16 डॉलर प्रति बैरल हो गई। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका से तेल की सप्लाई प्रभावित होने का जोखिम बढ़ा है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई।
ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली
बाजार में निवेशक फिलहाल लॉन्गटर्म की जगह मुनाफावसूली पर फोकस कर रहे हैं। इसकी वजह से जैसे ही बातार में थोड़ी तेजी आती है, ताे बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है। गुरुवार को मजबूत तिमाही नतीजों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें स्थिर रखने के फैसले के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में 1% से ज्यादा की तेजी आई थी। शुक्रवार को भी बाजार ने इसी मजबूती के साथ शुरुआत की। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इससे सेंसेक्स और निफ्टी अपने दिन के उच्च स्तर से नीचे आ गए।
ग्लोबल बाजारों से बिगड़ा मूड
भारतीय बाजार में उठा-पटक की एक बड़ी वजह कमजोर ग्लोबल संकेत रहे। एशियाई बाजारों में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स 3.61% गिर गया। जापान का Nikkei 225 भी 2.52% टूटकर बंद हुआ। ताइवान का बाजार 2.56% और शंघाई कंपोजिट 1.46% नीचे रहा। हालांकि, हांगकांग के Hang Seng में 1.47% की तेजी रही।
अमेरिकी बाजारों से भी निवेशकों को बहुत राहत नहीं मिली। अमेरिकी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते निवेश को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। निवेशकों को आशंका है कि टेक कंपनियों का भारी AI खर्च उनके कारोबार की कमाई में उम्मीद के मुताबिक इजाफा नहीं कर पाएगा। इसके चलते अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों पर दबाव बना। शुक्रवार को अमेरिकी Nasdaq फ्यूचर्स में 1.42% की गिरावट थी। इसका असर दुनिया भर के शेयर बाजारों की निवेश धारणा पर पड़ा।
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