SBI Strike : भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कर्मचारियों द्वारा 25 और 26 मई को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल (bank employees strike) अब टाल दी गई है। बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संघों के बीच शुक्रवार को मुंबई में हुई बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। बातचीत को सकारात्मक बताया गया है, जिसके बाद कई मांगों पर सहमति और प्रगति बनने की बात सामने आई है। इस निर्णय से देशभर के करोड़ों एसबीआई ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती थीं। एसबीआई ने अपने ग्राहकों को जानकारी देते हुए कहा है कि 25 और 26 मई को सभी शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी और बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। बैंक ने यह भी साफ किया कि प्रस्तावित हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
SBI कर्मचारियों की 25-26 मई को प्रस्तावित हड़ताल बातचीत के बाद स्थगित
हड़ताल क्यों होनी थी? कर्मचारियों की क्या थीं मांगें
एसबीआई कर्मचारी महासंघ ने पहले 16 सूत्री मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। इन मांगों में मुख्य रूप से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और कामकाज की स्थिति सुधारने की मांग शामिल थी। कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्डों की भर्ती, पर्याप्त स्टाफ की तैनाती और बैंक में खाली पदों को जल्द भरना शामिल था। इसके अलावा स्थायी नौकरियों में आउटसोर्सिंग को रोकने की भी मांग की गई थी। कर्मचारियों का कहना था कि आउटसोर्सिंग से नौकरी की सुरक्षा पर असर पड़ता है। संघ ने करियर प्रगति योजनाओं की समीक्षा, चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति में सुधार और मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। साथ ही कर्मचारियों ने क्लर्कों की भर्ती में कमी, बढ़ते काम के दबाव, इंटर-सर्किल ट्रांसफर में देरी और पेंशन से जुड़े मामलों पर भी चिंता जताई थी।
बातचीत में बनी सहमति, हड़ताल टली
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन, बंगाल सर्किल के सचिव सुदीप दत्ता ने बताया कि मुंबई में बैंक प्रबंधन और कर्मचारी महासंघ के बीच हुई बैठक सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर प्रगति हुई है, जिसके कारण हड़ताल को फिलहाल रोकने का फैसला लिया गया। इसी तरह, एसबीआई कर्मचारी महासंघ के महासचिव एल चंद्रशेखर ने भी अपने सदस्यों को भेजे संदेश में कहा कि बातचीत के दौरान कई मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इसी प्रगति को देखते हुए हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संघों के बीच यह बातचीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले माह की शुरुआत में ही कर्मचारी संघ ने हड़ताल की घोषणा की थी। लंबे समय से चल रहे विवाद और मांगों के बीच यह बैठक एक अहम कदम माना जा रहा है।
ग्राहकों को बड़ी राहत, बैंकिंग सेवाएं सामान्य रहेंगी
अगर यह हड़ताल होती, तो एसबीआई की बैंकिंग सेवाएं कई दिनों तक प्रभावित हो सकती थीं। खासकर इसलिए क्योंकि 25-26 मई के बाद चौथा शनिवार और रविवार की छुट्टी भी पड़ रही थी। इसके अलावा 27 मई को ईद-उल-अजहा के कारण कई राज्यों में बैंक बंद रह सकते हैं। ऐसे में लगातार कई दिनों तक बैंकिंग कामकाज प्रभावित होने की संभावना थी। लेकिन हड़ताल टल जाने से अब ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। बैंक की सभी शाखाएं अपने सामान्य समय पर खुलेंगी और लेन-देन, नकद निकासी, जमा और अन्य सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
एसबीआई देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है और इसके करोड़ों ग्राहक हैं। ऐसे में किसी भी तरह की हड़ताल का असर पूरे देश की बैंकिंग व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसलिए यह फैसला न सिर्फ कर्मचारियों और बैंक प्रबंधन के बीच समझौते का संकेत है, बल्कि आम लोगों के लिए भी राहत भरा है।
