SBI FD Returns: अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित जगह निवेश करने के साथ-साथ तय रिटर्न हासिल करना चाहते हैं तो फिक्स्ड डिपॉजिट एक अच्छा विकल्प हो सकता है। देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ओर से अलग-अलग अवधि की FD पर आकर्षक ब्याज दिया जाता है। खास बात यह है कि वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य नागरिकों की तुलना में FD पर अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलता है। अगर आप 4 साल की अवधि के लिए FD करवाने की योजना बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके काम की साबित हो सकती है।
SBI 4 साल की एफडी पर कितना रिटर्न देगा (AI Generated Image)
4 साल की एफडी पर कितना मिलेगा ब्याज
SBI में 4 साल की FD पर सामान्य नागरिकों को 6.30 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 6.80 प्रतिशत सालाना है। यानी समान रकम और समान अवधि के निवेश पर वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलेगा।
3 लाख की FD पर कितना रिटर्न मिलेगा
अब इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए कोई सामान्य नागरिक SBI में 4 साल के लिए 3 लाख रुपये की FD करवाता है। 6.30 प्रतिशत सालाना ब्याज दर के हिसाब से चार साल की अवधि पूरी होने पर उसे मैच्योरिटी पर करीब 3,85,222 रुपये मिलेंगे। इसमें निवेश की गई मूल राशि 3 लाख रुपये होगी, जबकि बाकी रकम ब्याज के तौर पर मिलेगी।
वहीं, अगर यही 3 लाख रुपये कोई वरिष्ठ नागरिक 4 साल की FD में निवेश करता है, तो उसे 6.80 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा। इस हिसाब से चार साल की अवधि पूरी होने पर मैच्योरिटी राशि करीब 3,92,877 रुपये हो सकती है। इस तरह वरिष्ठ नागरिक को सामान्य नागरिक की तुलना में ज्यादा मैच्योरिटी राशि मिलेगी।
| विवरण | सामान्य नागरिक | सीनियर सिटिजन |
|---|---|---|
| निवेश राशि | ₹3,00,000 | ₹3,00,000 |
| FD अवधि | 4 साल | 4 साल |
| सालाना ब्याज दर | 6.30% | 6.80% |
| मैच्योरिटी राशि | ₹3,85,222 | ₹3,92,877 |
| कुल ब्याज | ₹85,222 | ₹92,877 |
FD में क्यों करें निवेश
FD का सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेश के समय ब्याज दर तय हो जाती है और बैंक द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार निवेशक को मैच्योरिटी पर रकम मिलती है। हालांकि, FD करवाने से पहले बैंक की मौजूदा ब्याज दर, टैक्स से जुड़े नियम और समय से पहले FD तोड़ने पर लागू नियमों को भी समझना जरूरी है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
FD में पैसा लगाने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपको रकम की जरूरत कब पड़ेगी। अगर आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो पूरी बचत को लंबी अवधि की FD में लगाने से बचना बेहतर हो सकता है। इसके अलावा, FD से मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आ सकता है। इसलिए सिर्फ मैच्योरिटी रकम देखने के बजाय टैक्स के बाद मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को भी ध्यान में रखना चाहिए।
