SBI 10-Year FD Interest Rates: अगर आपके पास भी अतिरिक्त पैसा पड़ा है, जिसका अगले कुछ वर्षों तक इस्तेमाल नहीं होने वाला है, तो उसे बैंक एफडी (FD) में निवेश कर सुरक्षित तरीके से बढ़ाया जा सकता है। एफडी उन निवेश विकल्पों में शामिल है, जिनमें निवेशक को पहले से तय ब्याज दर के आधार पर रिटर्न मिलता है। देश का सबसे बड़ा पब्लिक सेक्टर बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) भी अलग-अलग अवधि के लिए एफडी की सुविधा देता है। ऐसे में लंबे समय के लिए पैसा निवेश करने वाले निवेशक SBI की 5 साल से लेकर 10 साल तक की एफडी स्कीम के बारे में विचार कर सकते हैं।
एसबीआई में 10 साल की एफडी पर कितना मिलेगा ब्याज (Photo: iStock)
5-10 साल तक की एफडी पर कितना मिलेगा ब्याज
SBI की ओर से 5 साल और उससे अधिक लेकिन 10 साल तक की अवधि वाली एफडी पर सामान्य नागरिकों को 6.05 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसी अवधि की एफडी पर ब्याज दर 7.05 प्रतिशत सालाना है।
5 लाख रुपये जमा करने पर कितना मिलेगा?
मान लीजिए कोई सामान्य नागरिक SBI की इस एफडी में 5 लाख रुपये 10 साल के लिए निवेश करता है। अगर एफडी की कंपाउंडिंग फ्रिक्वेंसी क्वाटर्ली यानी हर तीन महीने रखी जाती है, तो मैच्योरिटी पर उसे करीब 9,11,488 रुपये मिल सकते हैं।
वहीं, अगर यही 5 लाख रुपये कोई वरिष्ठ नागरिक 10 साल के लिए निवेश करता है और उसे 7.05 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है, तो मैच्योरिटी पर करीब 10,05,728 रुपये मिल सकते हैं। इस तरह वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाला अतिरिक्त ब्याज लंबी अवधि में बड़ा अंतर पैदा करता है।
| निवेश की राशि | अवधि | ग्राहक की श्रेणी | ब्याज दर | मैच्योरिटी राशि |
|---|---|---|---|---|
| ₹5 लाख | 10 साल | सामान्य नागरिक | 6.05% | ₹9,11,488 |
| ₹5 लाख | 10 साल | वरिष्ठ नागरिक | 7.05% | ₹10,05,728 |
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एफडी में पैसा लगाने से पहले केवल ब्याज दर नहीं देखी जानी चाहिए। निवेशक को एफडी की अवधि, समय से पहले निकासी के नियम, लागू पेनल्टी और ब्याज भुगतान के विकल्पों को भी समझना चाहिए। साथ ही एफडी पर मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आ सकता है, इसलिए निवेश से पहले अपनी टैक्स स्थिति को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
लंबी अवधि की एफडी उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें अपने पैसे की अगले कई वर्षों तक जरूरत नहीं है और जो बाजार से जुड़े निवेश के बजाय स्थिर रिटर्न वाला विकल्प तलाश रहे हैं। हालांकि, निवेश का फैसला अपनी जरूरत, लक्ष्य, समयावधि और उपलब्ध विकल्पों की तुलना करने के बाद ही लेना चाहिए।
