Saraswati Saree Depot IPO:थोक साड़ी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सरस्वती साड़ी डिपो का शेयर निर्गम मूल्य 160 रुपये से 25 प्रतिशत तेजी के साथ मंगलवार को बाजार में लिस्ट हुआ।बीएसई पर शेयर 200 रुपये पर लिस्ट हुआ। उसके बाद फिर 31.21 प्रतिशत चढ़कर 209.95 रुपये पर पहुंच गया।एनएसई पर शेयर ने 21.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 194 रुपये पर शुरुआत की।कंपनी का बाजार मूल्यांकन 831.40 करोड़ रुपये रहा।सरस्वती साड़ी डिपो के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को पेशकश के अंतिम दिन गत बुधवार को 107.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। 160 करोड़ के आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 152-160 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था।
सरस्वती साड़ी डिपो आईपीओ लिस्टिंग
कंपनी जुटाई पूंजी का क्या करेगी
कंपनी ने आईपीओ से प्राप्त पूंजी का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करने का प्रस्ताव किया है।सरस्वती साड़ी डिपो के महाराष्ट्र में कोल्हापुर तथा उल्हासनगर दो स्टोर हैं। कंपनी थोक साड़ी का कारोबार करती है। और उसके आईपीओ को निवेशकों से अच्छा रिस्पांस मिला था। सरस्वती साड़ी डिपो के आईपीओ को अंतिम दिन गत बुधवार को 107.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। आईपीओ साइज 160 करोड़ रुपये का था।
सेबी के 76 हजार करोड़ फंसे
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने 76,293 करोड़ रुपये बकाया राशि की वसूली को ‘मुश्किल’ की श्रेणी में रखा है। यह पिछले साल की तुलना में चार प्रतिशत अधिक है।इसमें से एक बड़ा हिस्सा अदालत के आदेश से नियुक्त समितियों के समक्ष लंबित मामलों के कारण है।बकाया राशि की वसूली कठिन है। यह ऐसी राशि है, जिनकी वसूली के सभी उपायों को लागू करने के बाद भी नहीं हो पाई है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च, 2024 तक सेबी ने डीटीआर के रूप में 807 मामलों की पहचान की। इनपर कुल बकाया 76,293 करोड़ रुपये था। वहीं पिछले साल 73,287 करोड़ रुपये के 692 मामले थे।इन 807 मामलों में से 36 मामले राज्य की अदालतों, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी), राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में चल रही कार्यवाही के कारण लंबित हैं। इन मामलों 12,199 करोड़ रुपये की राशि शामिल हैं।इसके अलावा, 60 मामले अदालत द्वारा गठित समितियों के समक्ष हैं, जिनमें 59,970 करोड़ रुपये शामिल हैं।
